राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 का पेपर रद्द होने के बाद कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी. पीड़ित परिवारों के लिए ऐसा दर्द है जो ताउम्र रहेगा. लेकिन शनिवार को जब पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया तो एक सवाल फिर उठा कि क्या ये इस्तीफा उन परिवारों का जख्म भर सकता है जिसने अपने बच्चों को खोया है? ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या कहना है उन परिवारों और बच्चों के माता-पिता का.
क्या बोले रिया को पिता?
देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र की चंद्रमणि कॉलोनी में रहने वाली 23 साल की रिया ने अपनी जान देकर हर किसी को हैरान कर दिया. 12वीं में 96.7 प्रतिशत नंबर लाने वाली रिया डॉक्टर बनने का सपना देख रही थीं लेकिन उससे पहले उन्होंने अपनी जान ले ली. लेकिन कल यानी 25 जुलाई को जब प्रधान ने इस्तीफा दिया तो एक बार उनके परिवार के घाव ताजा हो गए.
इस दौरान रिया के पिता राजेश ने कहा कि मैं आज खुश हूं. लेकिन प्रधान ने जो इस्तीफा कल दिया है अगर वह जिम्मेदारी लेकर पहले ही दे देते तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता. बच्चे शायद पहले ही समझ जाते और मेरी बच्ची भी आज हमारे बीच शामिल होती. अपना दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा कि क्या कोई भी मुआवजा मेरी बेटी को वापस नहीं ला सकता है.
राजेश ने आगे कहा कि मैं 1 करोड़ रुपये देता हूं, आप मेरी बेटी को मुझे वापस कर दें. हालांकि, बाकी बच्चों के लिए बचाव होना चाहिए. इतना ही नहीं उन्होंने शिक्षा प्रणाली को आसान बनाने और नीतियों को बदलने को लेकर भी सरकार से अपील है ताकि बच्चों की जान बची रहे.
उन्होंने कहा कि मैं अपील करता हूं कि सरकार ऐसा काम करें कि आने वाले समय में पेपर लीक की वजह से आत्महत्या न करें. कंपसेशन को लेकर भी उन्होंने बयान दिया. ये बहुत बड़ी बात नहीं है, जिन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया था उन्हें देना चाहिए, मुझे इसकी जरूरत नहीं है. पिता ने कहा कि इस साल उनकी बेटी ने कड़ी मेहनत की थी. वह रात भर जागकर पढ़ाई करती थी.
शाम 6 बजे के बाद वह खाना नहीं खाती थी ताकि उसे नींद न लगे. सुबह 4 बजे तक भी वह पढ़ाई करती थी. उसका पेपर बहुत अच्छा गया था लेकिन जब पेपर लीक की खबर आई तो वह टूट गई. इस दौरान उसने मुझसे NTA को लेकर कई सवाल किए. बच्चों के लिए वह बहुत सख्त रहते हैं लेकिन पेपर लीक को लेकर कुछ भी नहीं कर पाते.
शिवानी यादव के पिता
17 जून को शिवानी ने भी आत्महत्या कर ली थी और कल जब प्रधान का इस्तीफा हुआ तो उनके पिता भावुक हो गए. बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह शिक्षा मंत्री थे, तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया लेकिन इस मामले जो और लोग शामिल हैं उनका क्या. मेरी बेटी ने नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या कर ली है. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने बताया था कि उसका पेपर अच्छा गया है लेकिन उसके हाव भाव से ऐसा नहीं लग रहा था कि वह आत्महत्या कर लेगी.
अवंतिका ने नीट पेपर लीक के बाद दी जान
इंदौर में नीट छात्रा अवंतिका मौर्या ने तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी है. परिजनों के मुताबिक, वह तीन साल से नीट की तैयारी कर रही थी और हमेशा अच्छे नंबर लेकर आती थी लेकिन नीट पेपर लीक के बाद उसने जो कदम उठाया हर कोई हैरान है. उनके परिवार का कहना है कि वह इंदौर में रहकर तैयारी कर रही थी. पिछली बार भी जब उसने एग्जाम दिया था और रिजल्ट नहीं आया था, तो उस समय भी वह तनाव में थी.
लेकिन इस साल जब पेपर लीक की खबरें आई तो उसने थोड़ा बोलना-चालना कम कर दिया था. खाना भी नहीं खाती थी. इसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से उठाए गए फैसलों का समर्थन किया. हालांकि, जब छात्रा की मां से बात किया गया तो वह भावुक हो गई. उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था को ठीक करने के लिए जो कदम उठा रही है वह सही. मेरे पास कोई जवाब नहीं है.
परीक्षा से पहले एक छात्रा ने की थी आत्महत्या
तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में पलाकोड के पास एंडापट्टी गांव की रहने वाली 19 साल की NEET एस्पिरेंट आर रोशिनी ने 20 जून, 2026 को आत्महत्या कर ली. इसे लेकर रोशिनी के पिता ने कहा कि हमने उसे समझाने की कोशिश की और वह समझ भी गई थी. हालांकि, वह अंदर से डरी हुई थी. परीक्षा 21 जून को थी, लेकिन उसने 20 जून को आत्महत्या कर ली. मैं हर राज्य सरकार से अपील करता हूं कि वे साथ आएं और NEET पर रोक लगाने के लिए कदम उठाएं.मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब इस्तीफा दिया है लेकिन अगर उन्होंने पेपर लीक होने के समय ही दे दिया होता, तो शायद आज कई बच्चे जिंदा होते. पेपर लीक से इतना दुख हुआ कि बच्चे अपने माता-पिता से इसे कह नहीं पाए और आत्महत्या कर ली. इस पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए. सिर्फ तमिलनाडु सरकार ही नहीं, बल्कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को साथ आना चाहिए. जो दर्द मैंने सहा है, वह किसी और को न सहना पड़े