राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की स्थापना उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश/फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए किया गया था. NTA भारत के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के तहत एक ऑटोनोमस एजेंसी है. इसकी स्थापना नवंबर 2017 में की गई थी.
इसके काम में शोध आधारित अंतरराष्ट्रीय मानकों, दक्षता, पारदर्शिता और त्रुटि मुक्त प्रवेश और भर्ती के लिए उम्मीदवारों की योग्यता का आकलन करना शामिल है. साथ ही, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को परीक्षा की तैयारी से लेकर परीक्षा देने और परीक्षा अंकन भी शामिल है.
जैसे ही वायुसेना का हेलिकॉप्टर इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर लैंड हुआ, वहां पहले से ही तैनात प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए. प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया था. एयरफोर्स के जवानों ने कड़ी सुरक्षा के बीच इन पेपरों को उतारा, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी में इन्हें सीधे स्ट्रांग रूम की ओर रवाना कर दिया गया.
नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का यह बेहद गोपनीय और बड़ा सुरक्षा मिशन 13 जून से शुरू हुआ था, जिसके बुधवार (17 जून) तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी. इसमें वायुसेना के परिवहन विमानों और हेलिकॉप्टरों का उपयोग करके दो मुख्य वितरण केंद्रों से परीक्षा के प्रश्नपत्रों को कलेक्ट किया गया.
एनटीए ने अपने मैसेज में अपील की है कि माता-पिता, शिक्षकों और व्यापक समाज से एक विनम्र अनुरोध है कि कृपया हमारे छात्रों को शांत रखने में हमारी मदद करें. असत्यापित जानकारी (अफवाहें) साझा करने से बचें. उन्हें स्थिर और बिना किसी परेशानी के मन के साथ परीक्षा हॉल में जाने दें.
इंडिया टुडे की टीम ने देश की कोचिंग कैपिटल कहे जाने वाले कोटा का दौरा किया ताकि न सिर्फ टॉपर्स और शिक्षकों की बात सुनी जा सके, बल्कि उस तनाव, उम्मीदों और अनसुलझे सवालों को भी समझा जा सके जो आज इस शहर की पहचान बन चुके हैं. यहां बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी अपने बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए साथ रह रहे हैं.
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वित्तीय रिपोर्ट में खुलासा किया कि बीते 6 सालों में एनटीए ने परीक्षाओं के आयोजन और फीस से 448 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है. समिति ने परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक, धांधली और परीक्षा रद्द होने जैसी समस्याओं पर चिंता जताई है. कमेटी ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय से इस मुनाफे का उपयोग परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए करने को कहा है.
आखिर टेलीग्राम ही क्यों? व्हाट्सएप या अन्य ऐप्स क्यों नहीं? इसके पीछे टेलीग्राम का एक खास तकनीकी फीचर है, जिसे स्कैमर्स ने अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया. बता दें कि टेलीग्राम पर कोई भी एडमिन अपने पुराने से पुराने मैसेज को कभी भी 'एडिट' कर सकता है, और सबसे खतरनाक बात यह है कि इससे मैसेज का मूल टाइमस्टैम्प नहीं बदलता.
भारत ने 21 जून को होने वाले नीट री-टेस्ट से ठीक पहले टेलीग्राम को अस्थायी रूप से बैन कर दिया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि टेलीग्राम के एडिट फीचर के कारण फर्जी पेपरों का घोटाला संभव हुआ. इस फीचर से मैसेज और अटैच फाइलों को बदला जा सकता है, जिससे नकली प्रश्नपत्र असली दिखाए जा सकते हैं. NTA ने कहा कि एडिट किए गए मैसेज पर 'Edited' लेबल स्पष्ट नहीं दिखता, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है.
नीट पेपर लीक को लेकर देश में अभी भी विवाद थमा नहीं है. इसे लेकर हलचल अब तक चल रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने पोस्ट कर बताया कि नीट पेपर लीक के बाद से अब तक 9 उम्मीदवार अपनी जिंदगी खत्म कर चुके हैं जिसने न केवल मेंटल हेल्थ पर एक बहस छेड़ी है बल्कि प्रशासन पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
संसदीय समिति की ओर से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) को लेकर कई गंभीर चिताएं उठाई गई हैं. कमेटी का कहना है कि बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) वाला फॉर्मेट ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज जैसे विषयों के लिए सही नहीं है. इसके साथ ही समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के डिजाइन और प्रश्नों की गुणवत्ता की समीक्षा करने की मांग की है.
21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा को लेकर सरकार की ओर से तैयारियां तेज हैं. हर जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन नियम ने बड़ी राहत दी है. परीक्षार्थी 20 जून से निगम की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. इसके लिए बस कंडक्टर को एडमिट कार्ड दिखाना होगा और जीरो टिकट जारी किया जाएगा.
निसर्ग ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए साफ कहा है कि किसी एक पूरे के पूरे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर देना 'पेपर लीक' का इलाज नहीं है. जब तक आप उस सड़ चुके सिस्टम और कमियों को ठीक नहीं करेंगे जहां से पेपर सचमुच लीक होता है, तब तक ऐसे बैन बेअसर साबित होंगे.
कल शाम तक जहां यह आंकड़ा करीब 4 लाख के आस-पास था, वहीं रात भर में छात्रों ने ताबड़तोड़ तरीके से वेबसाइट को एक्सेस किया और डाउनलोड का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंचा दिया. एक साथ लाखों छात्रों के पोर्टल पर लॉगिन करने की वजह से ही कल सर्वर क्रैश और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन में एरर जैसी गंभीर दिक्कतें आ रही थीं.
NEET री-टेस्ट की सख्त सुरक्षा व्यवस्था पर अन्नामलाई की आलोचना के बाद तमिलनाडु बीजेपी ने जवाब देते हुए इसे मेरिट और निष्पक्षता की सुरक्षा बताया है.
सेना के जरिये क्वेश्चन पेपर पहुंचाना, टेलिग्राम पर बैन... भारत ऐसा करने वाला अकेला देश नहीं है. दुनिया के कई देशों में जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की बात आती है, तो वहां की सरकारें सचमुच 'युद्ध स्तर' पर उतर आती हैं. आइए जानते हैं दुनिया के उन देशों के बारे में, जहां एग्जाम के दिनों में सेना और इंटरनेट शटडाउन आम बात है.
एनटीए देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है. शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनटीए में 198 कर्मचारी हैं, जिनमें से कई आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. के. राधाकृष्णन कमेटी ने भी आउटसोर्सिंग कम करने की सिफारिश की थी. इस मामले में आम जनता और छात्रों के हित के लिए सैलरी और खर्च का खुलासा जरूरी माना जा रहा है.
परीक्षा से ठीक 5 दिन पहले ही सील बंद प्रश्नपत्रों को राज्यों की राजधानियों तक पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है. लेकिन इस बार ये पेपर किसी आम कूरियर, निजी वेंडर या साधारण डाक नेटवर्क के भरोसे नहीं भेजे जा रहे हैं जहां से हमेशा लीक होने का सबसे बड़ा खतरा रहता था. आइए आपको बताते हैं कि इस बार आपके पेपर की सुरक्षा में कौन-कौन तैनात है और राज्यों में पहुंचने के बाद ये कहां रखे जा रहे हैं.
गृह सचिव ने हाई लेवल बैठक आयोजित की. इसमें कोई एक-दो अफसर नहीं, बल्कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के सेक्रेटरी, पोस्टल डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज यानी CRPF, CISF और BCAS के महानिदेशक (DGs) और खुद NTA के महानिदेशक मौजूद रहे. इसके अलावा रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने भी इस मंथन में हिस्सा लिया.
नीट-यूजी 2026 की री-एग्जाम के लिए केंद्र सरकार और NTA ने कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं. पेपर सेटर्स को आइसोलेट कर, वायुसेना की मदद से प्रश्नपत्र सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे. 5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, AI आधारित निगरानी और केंद्रीय एजेंसियों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, सीकर के छात्रों में अभी भी संशय और चिंता बनी हुई है.
नीट 2026 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्रों को डाउनलोड में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एनटीए ने बताया कि सर्वर पर भारी लोड और 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के कारण समस्या आ रही है. एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी टीमें समस्या को जल्द हल करेंगी ताकि सभी छात्र बिना परेशानी के अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकें.
एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं, जिन्हें छात्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. इस बार परीक्षा की अवधि बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है, जिससे छात्रों को अधिक समय मिलेगा. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी छात्रों को एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य है.
CUET PG 2026 की कुछ परीक्षाएं अलग-अलग तारीखों पर आयोजित होने और नॉर्मलाइजेशन नहीं किए जाने को लेकर उठे सवालों पर NTA ने सफाई दी है. एजेंसी के अनुसार, केवल 565 अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम आयोजित किया गया था, क्योंकि कुछ विपरीत परिस्थितियों के कारण वे परीक्षा देने से वंचित रह गए थे.