नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की ओर से 30 अगस्त को देशभर में नीट पीजी परीक्षा का आयोजन कियी गया था जिसके तहत सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में कुल 1,111 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. इस बार कुल 2,73,096 रजिस्टर्ड डॉक्टर्स में से कुल 2,63,980 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. इस दौरान 2.63 लाख छात्रों की परीक्षा सफलतापूर्ण कराई गई लेकिन राजस्थान के जयपुर के दो केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा और दोबारा से एग्जाम कराने का ऐलान किया गया.
सख्त कदम उठाए गए थे
NBEMS ने पेपर लीक और फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए थे. बोर्ड की ओर से लाइव CCTV मॉनिटरिंग, कमांड सेंटर्स और आधार-बेस्ड बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए ट्रांसपेरेंट माहौल बनाया गया. हालांकि, जयपुर के दो सेंटर पर इस तरह की कोई घटना नहीं हुई बल्कि तकनीकी खराबी की वजह से परेशानी हुई.
16 रीजनल कमांड सेंटर
नीट पीजी एग्जाम में निगरानी के लिए देशभर के 16 रीजनल कमांड सेंटर बनाए गए थे. दिल्ली में मौजूद हेडक्वॉर्टर से सभी 1,111 सेंटर्स की सीसीटीवी के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की गई. इस दौरान हेल्थ मिनिस्ट्री, BEL,ECIL और TCS की टीम मिलकर काम कर रही थीं.
निर्दलीय परीक्षकों की तैनाती
इतनी ही नहीं परीक्षा के लिए अलग-अलग केंद्रों पर निर्दलीय परीक्षकों की तैनाती की गई थी. साथ ही मेडिकल कॉलेजों के डीन,डायरेक्टर्स और सीनियर प्रोफेसर्स समेत 700 से ज्यादा अधिकारियों को फ्लाइंग स्क्वॉड के रूप में तैनात किया गया था.
5 सितंबर को होगी परीक्षा
वहीं, जयपुर के जिन केंद्रों की परीक्षा बाधित हुई है, उसके लिए दोबारा पेपर का आयोजन 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे किया जाएगा.