कहते हैं कि 'खाली पेट क्रांति नहीं होती'... और इस बात को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बैठे JPSC और JSSC के अभ्यर्थी बहुत अच्छी तरह समझ चुके हैं. परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड के युवाओं का गुस्सा तो सड़कों पर उबल ही रहा है, लेकिन अब इस हक की लड़ाई को मजबूत करने के लिए पूरे देश से 'मदद के हाथ' भी आगे बढ़ने लगे हैं.
आलम यह है कि रांची में आंदोलन कर रहे इन छात्रों के लिए देश के कोने-कोने से खाना पहुंच रहा है. कहीं से हैदराबाद की इडली आ रही है, तो कहीं से मशहूर कचौरी और सब्जी.
चैती दुर्गा मंदिर में बनता है भोग, स्टेडियम में बंटता है 'लंगर'
इस आंदोलन में छात्रों को भूखा न सोने देने का बीड़ा उठाया है एक स्वैच्छिक संस्था (Foundation) ने. संस्था से जुड़े सदस्य रोजाना चैती दुर्गा मंदिर के प्रांगण में पूरे नियम-कायदे से भोजन तैयार करते हैं. मां दुर्गा को भोग लगाने के बाद इस खाने को सीधे जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचाया जाता है.
मंगलवार को भी जैसे ही दाल, चावल, ताजी सब्जी और कुरकुरे चिप्स से भरी गाड़ियां स्टेडियम पहुंचीं, आंदोलनरत छात्र पूरी अनुशासन के साथ हाथों में पत्तल (पत्ते) लेकर कतार में खड़े हो गए.
क्यों शुरू हुई यह पहल?
फाउंडेशन के संस्थापक शंकर बताते हैं कि हमने एक दिन देखा कि कई छात्र केवल सूखे चावल खा रहे थे, उनके पास दाल-सब्जी तक नहीं थी. बस उसी दिन ठान लिया कि जब तक यह आंदोलन चलेगा, हमारी संस्था इन बच्चों को दोनों वक्त का गर्म और पौष्टिक खाना खिलाएगी.
सरकार में शामिल नेता भी कर रहे 'फूड सपोर्ट'!
इस जन-आंदोलन की सबसे दिलचस्प तस्वीर मंगलवार को तब देखने को मिली जब राज्य की सत्ता में शामिल कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की ने भी छात्रों के लिए नाश्ते के 150 पैकेट और पीने के पानी की बोतलें भेजीं.
भले ही राज्य सरकार इन आंदोलनों को लेकर बैकफुट पर हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक, हर कोई युवाओं के इस मनोबल को बनाए रखने के लिए बैकअप दे रहा है.
लड़ाई लंबी है, लेकिन हम डिगेंगे नहीं
संस्था के कार्यकर्ता राहुल का कहना है कि उनकी पूरी टीम एक मिशन की तरह काम कर रही है ताकि अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे झारखंड के युवाओं का ध्यान पढ़ाई और लड़ाई से न भटके. चारों तरफ से मिल रहे इस निस्वार्थ सहयोग और प्यार ने जयपाल सिंह स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों का जोश दोगुना कर दिया है. छात्रों का साफ कहना है कि जब पूरा देश हमारे साथ खड़ा है, तो हम अपने हक की यह लड़ाई जीतकर ही मानेंगे!