जयपाल सिंह स्टेडियम (Jaypal Singh Stadium) झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में स्थित एक प्रमुख खेल और सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ा मैदान है. यह स्टेडियम शहर के अहिरटोली इलाके में स्थित है और इसका नाम प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी, आदिवासी नेता और राजनीतिज्ञ जयपाल सिंह मुंडा के नाम पर रखा गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्टेडियम का निर्माण 1978 में हुआ था और इसकी क्षमता करीब 5,000 दर्शकों की बताई जाती है.
जयपाल सिंह मुंडा का भारतीय हॉकी के इतिहास में खास स्थान है. वे 1928 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे. बाद में उन्होंने राजनीति और आदिवासी अधिकारों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हॉकी इंडिया भी उन्हें भारतीय हॉकी के शुरुआती प्रमुख नायकों में शामिल करता है.
रांची का जयपाल सिंह स्टेडियम केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा है. यहां अलग-अलग समय पर खेल, सामाजिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन भी होते रहे हैं. स्टेडियम से जुड़े परिसर में खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों से संबंधित संस्थाओं की मौजूदगी भी रही है.
समय के साथ स्टेडियम के रखरखाव और सुविधाओं को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं. 2013 में इसके विकास और नवीनीकरण की योजनाओं की बात सामने आई थी. बाद के वर्षों में यहां जलभराव और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की खबरें भी सामने आईं.
रांची में एक अलग मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम भी है, जो मोरहाबादी क्षेत्र में स्थित है. हॉकी झारखंड के अनुसार, इस स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ, फ्लडलाइट, इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड और करीब 5,000 दर्शकों की क्षमता जैसी सुविधाएं हैं. इसका उद्घाटन 29 अगस्त 2009 को हुआ था.
इस तरह जयपाल सिंह नाम से जुड़े रांची के दोनों खेल स्थलों को लेकर अक्सर भ्रम हो सकता है. एक ओर अहिरटोली का जयपाल सिंह स्टेडियम है, वहीं मोरहाबादी में मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम स्थित है. दोनों का संबंध झारखंड की खेल और सामाजिक विरासत से जुड़ा हुआ है.
झारखंड में JSSC CGL समेत TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. सीएम हेमंत सोरेन ने इसका ऐलान किया है. जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी.
झारखंड में 24 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन ने JSSC CGL समेत TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाएं और रिजल्ट रद्द करने का ऐलान किया है. 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी. छात्रों का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद उनकी मांग मानी गई है.
झारखंड में JSSC-JPSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. बोकारो की हबीबा 13 दिन से भूख हड़ताल पर हैं और उनका 8 किलो वजन कम हो चुका है. हबीबा ने कहा कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद वह मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगी. वीडियो में जानें प्रोटेस्ट से लेकर हंगर स्ट्राइक तक की पूरी कहानी.
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीबीआई जांच न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है. वहीं, एबीवीपी ने 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है.
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छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल ने इस्तीफे मंजूर कर लिए. 10 अगस्त को CID अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ करेगी. छात्रों की कुछ मांगें मानी गई हैं, जबकि कई मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बनी है. सोमवार को छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे.
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच विधानसभा घेराव से पहले सरकार ने बातचीत तेज कर दी है. देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बात हुई, अब सबकी नजर अगले कदम पर है.
JPSC-JSSC :क्या झारखंड का छात्र आंदोलन अब सिर्फ JPSC-JSSC भर्ती विवाद तक सीमित नहीं रहा? रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र पिछले कई दिनों से बारिश, भूख और अनिश्चित भविष्य के बीच आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि 2019 से 2026 तक की विवादित भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए।
झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करने पहुंच गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से काम कर रही हैं और सरकार सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुनेगी.
परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के लिए पूरे देश से 'मदद के हाथ' बढ़ने लगे हैं. छात्रों के इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए हैदराबाद से इडली और कहीं से कचौरी-सब्जी जैसे व्यंजन पहुंच रहे हैं. जानिए कैसे हो रहा फूड सपोर्ट?