झारखंड के गढ़वा जिले से हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पसंदीदा शिक्षक के तबादले से भड़के स्कूली छात्रों (Gen Alpha) का गुस्सा ऐसा फूटा कि पूरा इलाका जंग के मैदान में तब्दील हो गया. बीते तीन दिनों से शांत और अनुशासित ढंग से चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन आज बेहद हिंसक हो गया. उग्र छात्रों ने न सिर्फ सड़क जाम की, बल्कि कांडी थाने पर जमकर पथराव किया और ब्लॉक प्रमुख की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी. इस हिंसक झड़प में एक पुलिस जवान का सिर फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया है.
क्या है पूरा मामला?
घटना कांडी थाना क्षेत्र के पास स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय की है. यहां पदस्थापित लोकप्रिय शिक्षक मलय सिंह का हाल ही में तबादला कर दिया गया था. अपने पसंदीदा गुरुजी का ट्रांसफर रुकवाने की मांग को लेकर विद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिनों से लगातार विरोध जता रहे थे. देखते ही देखते आंदोलन जिला समाहरणालय से लेकर कांडी प्रखंड कार्यालय तक फैल गया.
कैसे बिगड़ी बात? 'थप्पड़' पड़ा और भड़क उठी आग!
गुरुवार को जब छात्र सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांडी प्रखंड के प्रमुख पिंकू पांडेय उन्हें समझाने पहुंचे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान माहौल गर्मा गया और प्रखंड प्रमुख ने आपा खोते हुए एक छात्र को थप्पड़ जड़ दिया. बस फिर क्या था! 'Gen Alpha' (स्कूली बच्चों) का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.
आक्रोशित छात्रों ने प्रखंड प्रमुख की गाड़ी पर हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की. प्रखंड प्रमुख जान बचाकर सीधे कांडी थाने में शरण लेने भागे, लेकिन पीछा करते हुए सैकड़ों बच्चे भी थाने के गेट पर पहुंच गए और पथराव शुरू कर दिया. छात्रों द्वारा की गई इस अचानक पत्थरबाजी में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस जवान के सिर पर गंभीर चोट आई और उसका सिर फट गया.
मौके पर तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. छात्र अभी भी सड़क जाम कर अड़े हुए हैं. उनकी दो मुख्य मांगें हैं. पहला, शिक्षक मलय सिंह का तबादला तुरंत रद्द किया जाए और दूसरा, छात्र पर हाथ उठाने वाले प्रखंड प्रमुख के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. गढ़वा के एसडीपीओ दिलु लोहरा ने बताया कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कांडी में अतिरिक्त पुलिस बल (Force) भेजा गया है और बच्चों को समझा-बुझाकर शांत कराने के प्रयास जारी हैं.