विधानसभा घेराव के लिए निकले हज़ारों अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच आज धुर्वा मोड़ पर ज़बरदस्त भिड़ंत का नज़ारा देखने को मिला. लेकिन इस तनावपूर्ण माहौल के बीच सड़कों से एक ऐसी अनोखी और अतरंगी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए प्रशासन ने जैसे ही वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया, छात्र भागे नहीं बल्कि पुलिस के उसी पानी के नीचे हाथ उठाकर, गमछा लहराते हुए झूमकर नाचने लगे!
लाइव स्ट्रीम और ग्राउंड से आ रही तस्वीरों में दिख रहा यह नजारा कुछ ही समय पहले बिहार में हुए छात्र आंदोलनों की याद दिला रहा है, जहाँ युवाओं ने पुलिस की सख्ती को भी अपने 'ज़ुनून के जश्न' में बदल दिया था.
लाइव रिपोर्ट: धुर्वा मोड़ पर कैसे बदला मंज़र?
बैरिकेडिंग पर तनाव: धुर्वा मोड़ और जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस ने तीन लेयर की भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी. दोपहर में जैसे ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकला हज़ारों छात्रों का जत्था बैरिकेड्स के पास पहुँचा, माहौल गरमा गया. जब छात्र बैरिकेड्स फांदने लगे, तो भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन चला दिया गया. लेकिन 17 दिनों के लंबे अनशन और सालों के इंतज़ार का गुस्सा झेल रहे युवाओं पर पानी की तेज़ धार का कोई खौफ नहीं दिखा.
पानी की बौछारें पड़ते ही छात्रों के दर्जनों गुटों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और पानी के बीच ही नारेबाज़ी करते हुए थिरकने लगे. देखते ही देखते पूरा धुर्वा मोड़ एक 'वाटर पार्क' जैसा दिखने लगा, जहां डर की जगह युवाओं का देसी एटीट्यूड हावी था.
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17 दिनों की आग के आगे पानी का बेअसर होना
मौके पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि हम पिछले 17 दिनों से धूप और बारिश में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूखे प्यासे बैठे थे. सिस्टम ने भर्ती परीक्षाओं के नाम पर हमारे दिलों में जो आग लगाई है, उसे पुलिस की ये चार बाल्टी पानी की बौछारें नहीं बुझा सकतीं."
लाइव अपडेट्स के मुताबिक, भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स के बावजूद छात्रों का हौसला डिगा नहीं है. एक तरफ जहाँ कुछ छात्र वॉटर कैनन के पानी में अपने जज्बे का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी माँगों (JPSC/JSSC की पारदर्शी जाँच और नियुक्ति) पर अड़े हुए हैं.