झारखंड के लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि परिवार की जिम्मेदारी और सालों की मेहनत का फल होती है. लेकिन राज्य सरकार के ताजा फैसले ने उनके भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद TDPL (TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी से जुड़ी सभी JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया गया. इसमें JSSC-CGL भी शामिल है.
क्या रद्द हुआ?
TDPL पिछले 10-12 सालों से कई बड़ी परीक्षाओं का संचालन कर रही थी. सरकार ने 2014 से अब तक इस कंपनी से जुड़ी लगभग सभी परीक्षाओं, रिजल्ट और उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया है. इससे 6,000 से ज्यादा पद प्रभावित हो रहे हैं. JSSC-CGL की लगभग 1,932-2,000 नियुक्तियां भी दायरे में हैं. कई अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्ति पत्र मिल चुके थे और वे सचिवालय समेत विभिन्न विभागों में काम कर रहे थे.
JPSC से भरे जाते हैं अफसर स्तर के बड़े पद
यह सिर्फ क्लर्क या निचले स्तर की भर्तियों का मामला नहीं है. विवादों में घिरी 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए कुल 103 बड़े प्रशासनिक पदों पर बहाली होनी थी, जिसमें 28 डिप्टी कलेक्टर और 42 डीएसपी (DSP) के पद शामिल थे. यहां कुल 2025 पदों का डेटा देखें.
| पद का नाम | कुल रिक्तियां | शुरुआती बेसिक पे (मासिक) |
| सहायक शाखा पदाधिकारी (ASO) | 863 | ₹44,900 |
| कनिष्ठ सचिवालय सहायक (JSA) | 335 | ₹19,900 |
| प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) | 252 | ₹35,400 |
| प्रखंड कल्याण पदाधिकारी | 195 | ₹35,400 |
| अंचल निरीक्षक-सह कानूनगो | 185 | ₹35,400 |
| श्रम प्रवर्तन अधिकारी | 182 | ₹35,400 |
| प्लानिंग असिस्टेंट | 5 | ₹29,200 |
| कुल पद | 2,025 |
10 साल, 15 परीक्षाएं और 6,000 से ज्यादा वैकेंसी का हिसाब
TDPL एजेंसी द्वारा 2014 से अब तक आयोजित की गई प्रमुख परीक्षाओं और रिक्तियों का पूरा गणित यहां देखें
| आयोग | भर्ती / परीक्षा का नाम | कुल रिक्तियां |
| JPSC | 14वीं संयुक्त सिविल सेवा | 103 |
| JPSC | सिविल जज (जूनियर डिवीजन) | 138 |
| JPSC | सहायक सरकारी अधिवक्ता (APP - नियमित/बैकलॉग) | 160 |
| JPSC | फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर | 170 |
| JPSC | सहायक वन संरक्षक | 78 |
| JPSC | कारखाना निरीक्षक (Inspector of Factories) | 14 |
| JPSC | प्रोजेक्ट मैनेजर | 30 |
| JPSC | बॉयलर निरीक्षक | 5 |
| JPSC | झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) | (पात्रता परीक्षा) |
| JPSC | अन्य सिविल सेवा (नियमित/बैकलॉग) | ऊपर शामिल |
| JSSC | JSSC CGL (JGGLCCE) | 2,025 |
| JSSC | तकनीकी/विशिष्ट स्नातक स्तरीय परीक्षा | 594 |
| JSSC | फील्ड वर्कर परीक्षा | 510 |
| JSSC | PGT शिक्षक भर्ती | 3,120 |
| JSSC | फॉरेस्ट गार्ड भर्ती |
कैबिनेट के फैसले के बाद CID और SIT की टीमें 2014 से TDPL को दिए गए सभी टेंडरों और कराई गई परीक्षाओं की परतें उधेड़ने में जुट गई हैं. सबसे बड़ा झटका उन 1,975 चयनित उम्मीदवारों को लगा है, जिन्हें JSSC CGL के जरिए नियुक्ति पत्र मिल चुके थे और वे नौकरी कर रहे थे. अब उनकी नौकरी पर तलवार लटक गई है.
चयनित अभ्यर्थियों का दर्द और विरोध
सरकार के फैसले के बाद रांची में दो तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं. एक तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाकर 24-25 दिन से आंदोलन चलाया. दूसरी तरफ वे युवा हैं जिन्हें JSSC-CGL के जरिए नियुक्ति मिल चुकी थी. ये चयनित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन और सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि हमारा क्या गुनाह है? हमें बाहर मत निकालो. हाईकोर्ट के आदेश के बाद हमारी नियुक्ति हुई थी. कई लोगों ने पुरानी नौकरी छोड़ दी थी.
कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वे केंद्र सरकार या प्राइवेट जॉब छोड़कर आए थे. अब अचानक सब कुछ छिन जाने का डर है. वे लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं और कोर्ट जाने की बात भी कर रहे हैं. बता दें कि छात्र संगठनों के लंबे आंदोलन और कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया. CID और SIT जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला दिया जा रहा है. सरकार ने परीक्षा सुधार समिति भी गठित की है.