scorecardresearch
 

सना के पास हवाई हमले में 22 की मौत, ज्यादातर महिलाएं और बच्चे... हूतियों ने सऊदी पर लगाया आरोप

यमन की राजधानी सना के पास गांव में हवाई हमलों से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया. युद्ध फिर से तेज होने से हालात बिगड़ रहे हैं.

Advertisement
X
यमन की राजधानी सना के पास गांव में हमले से गांव साफ हो गया. (Photo: X/@Almasirah_YE)
यमन की राजधानी सना के पास गांव में हमले से गांव साफ हो गया. (Photo: X/@Almasirah_YE)

शनिवार को यमन की राजधानी सना के पास अल-शरिया गांव में हवाई हमलों ने कई घरों को निशाना बनाया. हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अलसबाहि ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हुए. मृतकों और घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. 

प्रवक्ता ने एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में सऊदी अरब पर इन हमलों का आरोप लगाया. हूती मीडिया अल-मसीरा टीवी के फुटेज में दिखाया गया कि अस्पताल में पहुंचाए जा रहे बच्चों के निर्जीव शरीर और घायल बच्चे स्ट्रेचर पर पड़े थे. गांव में घरों के मलबे और धूल भरे माहौल के दृश्य भी सामने आए. प्रवक्ता ने कहा कि बाद के हमलों में आपात राहत कर्मियों को भी निशाना बनाया गया.

यह घटना यमन के लंबे गृहयुद्ध के फिर से बिगड़ने का संकेत है. सालों से चली आ रही युद्धविराम व्यवस्था गर्मियों में टूट गई थी. ईरान समर्थित हूती विद्रोही सना, उत्तर और पश्चिम के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं. वहीं सऊदी समर्थित विपक्षी ताकतें दक्षिण और पूर्व में सक्रिय हैं. शुक्रवार को दक्षिणी यमन के एक बाजार में हुए हवाई हमले में हूती अधिकारियों के अनुसार कम से कम 30 लोग मारे गए थे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चीन ने अरुणाचल में किया 50KM जमीन पर कब्जा? VIRAL दावे का सेना ने किया पर्दाफाश 

दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इस हमले का आरोप लगा रहे हैं. सितंबर में हूतियों ने रेड सी तट और बाब अल-मंदेब के रणनीतिक द्वीपों पर तेजी से कब्जा कर लिया. उन्होंने ताइज शहर को भी घेर लिया है जो दक्षिणी यमन का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार माना जाता है. साथ ही हूतियों ने सऊदी अरब के तेल और सैन्य ठिकानों तथा रेड सी में शिपिंग पर हमले बढ़ा दिए हैं.

अल-शरिया हमले में बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या में हताहत होना युद्ध के नागरिक पहलू को उजागर करता है. फुटेज में छोटे बच्चों के घायल शरीर और मलबे में तब्दील घर देखे जा सकते हैं. लोग सुरक्षा के लिए आसपास के कृषि क्षेत्रों में छिपने को मजबूर हुए. यमन में पहले से ही मानवीय संकट गहरा है. 

युद्ध के कारण लाखों लोग विस्थापित हैं और बुनियादी सुविधाओं की कमी है. हवाई हमलों में नागरिक इलाकों के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती है. दोनों पक्ष अक्सर एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हैं लेकिन स्वतंत्र जांच के अभाव में सच्चाई तय करना मुश्किल रहता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिका सोच भी नहीं सकता, हमारे पास ऐसे हथियार हैं- IRGC के प्रवक्ता का दावा

यमन संघर्ष अब सिर्फ आंतरिक नहीं रह गया है. इसमें ईरान और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता साफ झलकती है. हूतियों के रेड सी में हमलों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को प्रभावित किया है जिससे वैश्विक व्यापार और सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं. सऊदी अरब लंबे समय से हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाता रहा है. 

हालिया घटनाएं बताती हैं कि युद्धविराम टूटने के बाद संघर्ष फिर से तीव्र हो गया है. हूतियों की सैन्य प्रगति और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर किया है. बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण की होड़ भी इस संघर्ष को और जटिल बना रही है.

यमन में शांति बहाल करना आसान नहीं दिख रहा. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों का आरोप लगाते हुए अपनी कार्रवाइयों को जायज ठहरा रहे हैं. नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम बहाल करने और मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयास करता रहा है लेकिन प्रगति सीमित रही है. 

सना के पास हुए इस हमले ने एक बार फिर याद दिलाया है कि संघर्ष का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है. जब तक स्थायी समाधान और संवाद की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते तब तक ऐसी घटनाएं जारी रह सकती हैं. यमन का संकट क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय दृष्टि से गंभीर बना हुआ है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement