लाल सागर (Red Sea) हिंद महासागर का एक महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है, जो अफ्रीका और एशिया के बीच स्थित है. इसके पश्चिम में मिस्र, सूडान और इरिट्रिया जैसे अफ्रीकी देश हैं, जबकि पूर्वी तरफ सऊदी अरब और यमन स्थित हैं. उत्तर में यह स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ता है और दक्षिण में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते अदन की खाड़ी और हिंद महासागर तक पहुंचता है.
भौगोलिक दृष्टि से लाल सागर का महत्व काफी ज्यादा है. यूरोप और एशिया के बीच समुद्री व्यापार के लिए यह एक प्रमुख रास्ता है. खासतौर पर स्वेज नहर के जरिए यूरोप और एशिया के बीच आने-जाने वाले जहाज लाल सागर के रास्ते से गुजरते हैं. इससे एशिया से यूरोप तक समुद्री दूरी काफी कम हो जाती है.
लाल सागर का नाम क्यों पड़ा, इसे लेकर अलग-अलग मत हैं. एक मान्यता के अनुसार, यहां पाए जाने वाले कुछ सूक्ष्म समुद्री जीवों के कारण पानी का रंग कुछ परिस्थितियों में लाल दिखाई दे सकता है. हालांकि, समुद्र का पानी सामान्य तौर पर नीला ही दिखाई देता है.
यह समुद्र समुद्री जैव विविधता के लिए भी जाना जाता है. यहां प्रवाल भित्तियां (Coral Reefs), मछलियों की कई प्रजातियां और अन्य समुद्री जीव पाए जाते हैं. इसके तटीय इलाकों में पर्यटन और समुद्री गतिविधियां भी होती हैं.
हाल के वर्षों में लाल सागर की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर भी बढ़ी है. यमन के आसपास संघर्ष और जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है. कई बार जहाजों को अपनी दिशा बदलकर लंबा समुद्री रास्ता अपनाना पड़ा है.
लाल सागर इसलिए सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिवहन और वैश्विक रणनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है.
भारतीय नौसेना के INS त्रिशूल और INS आदित्य ने कच्चे तेल टैंकर एमटी कंपास और एमटी थलाट्टा को बाब अल-मंदेब से सुरक्षित पार करवाया. 9-10 अगस्त को दोनों जहाज सफलतापूर्वक निकले.
हूती विद्रोहियों की ओर से बाब अल मंदेब में ब्लॉकेड की घोषणा के बाद चीन उन शुरुआती देशों में से एक था जिसने बाब-अल-मंदेब से गुज़रने के बारे में सीधे हूतियों से संपर्क किया और अपना काम निकलवाने लगा. चीन चाहता है कि हूती ब्लॉकेड के बावजूद उसका व्यापार प्रभावित न हो.
Stock Market Fall Again: शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक फिसल गया.
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो ऑयल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया. हूतियों का आरोप है कि दोनों जहाजों ने उनके घोषित नौसैनिक प्रतिबंध का उल्लंघन किया था.
अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. ईरान ने कहा है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगा.
यमन के होदेदा तट के पास लाल सागर में एक कार्गो जहाज पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हमला किया है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है. फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.