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'इससे पहले कि वह मुझे मारता, मैंने ही उसे खत्म कर दिया'... भाभी के साथ अवैध संबंधों के शक में भाई का कत्ल

राजकोट में दो साल पुरानी दुश्मनी और भाभी से कथित अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई ने 42 वर्षीय घनश्यामसिंह वाघेला की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके फरार साथी की तलाश की जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस ने घनश्याम के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)
पुलिस ने घनश्याम के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

एक समय था, जब गुजरात का राजकोट शहर शांत और सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा. शहर में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. जिसकी ताजा मिसाल भक्तिनगर इलाके में देखने को मिली, जहां दो साल पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम देखने को मिला. वहां एक शख्स को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया. पहले वो शख्स हमले में घायल हुआ था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई.

यह वारदात राजकोट के जलाराम चौक से भक्तिनगर सर्कल जाने वाले रास्ते पर धर्मजीवन अपार्टमेंट के पास हुई. जहां 42 वर्षीय घनश्यामसिंह वाघेला पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल घनश्यामसिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसके बाद हत्या के प्रयास का मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया.

पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी धर्मेंद्रसिंह वाघेला को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, उसके साथ मौजूद एक अन्य आरोपी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है. शुरुआती जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे सिर्फ दो साल पुरानी दुश्मनी ही नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद और मृतक के अपनी भाभी के साथ कथित अवैध संबंधों का शक भी वजह बना. पुलिस फिलहाल इन सभी पहलुओं की अलग-अलग जांच कर रही है और हर दावे की पुष्टि करने में जुटी है.

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मृतक के पिता अनूपसिंह वाघेला ने भक्तिनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. जिसमें बताया गया कि उनका परिवार राजकोट के सहकार मेन रोड स्थित रघुवीर सोसाइटी-3 में रहता है. शनिवार दोपहर जब वह मेडिकल स्टोर गए थे, तब उन्हें जानकारी मिली कि कृष्णनगर निवासी उनका भतीजा धर्मेंद्रसिंह वाघेला एक अन्य युवक के साथ एक्टिवा पर उनके बेटे घनश्यामसिंह को तलाश रहा है. उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह तलाश खूनी वारदात में बदल जाएगी.

शाम करीब छह बजे धर्मजीवन अपार्टमेंट के सामने घनश्यामसिंह अपनी कार में बैठे हुए थे. आरोप है कि धर्मेंद्रसिंह ने उन्हें बाहर बुलाया और कहा, 'आज तो तुझे खत्म ही कर देना है.' इसके बाद उसने चाकू से उन पर लगातार छह से सात वार कर दिए. हमला इतना तेज था कि घनश्यामसिंह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत गोकुल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात करीब 12:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलते ही भक्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन घनश्यामसिंह की मौत के बाद केस की धाराएं बदल दी गईं. पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि मामले की सुनवाई हत्या के अपराध के रूप में हो सके.

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पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली. इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयान दर्ज किए गए. शुरुआती जांच के दौरान ही पुलिस को यह संकेत मिल गया था कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का नतीजा है.

जांच में सामने आया कि इस हत्या की जड़ें करीब दो साल पुरानी हैं. शिकायत के मुताबिक, नवरात्रि के नौवें दिन धोराजी तालुका के भाडेर गांव में घनश्यामसिंह और आरोपी पक्ष के बीच हिंसक झगड़ा हुआ था. उस दौरान घनश्यामसिंह और उनके पिता अनूपसिंह पर भी चाकू से हमला किया गया था. इस मामले में पाटनवाव पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था.

वह मामला अभी भी धोराजी की सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है. मृतक पक्ष का आरोप है कि उन्होंने उस मामले में कोई समझौता नहीं किया था, जिससे आरोपी परिवार उनसे नाराज चल रहा था. पुलिस का मानना है कि पुराने केस की रंजिश ने समय के साथ और गंभीर रूप ले लिया और आखिरकार इस हत्या में बदल गई.

पुलिस जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्रसिंह के बड़े भाई की पत्नी और मृतक घनश्यामसिंह के बीच कथित अनैतिक संबंधों को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी विवाद को लेकर आरोपी पक्ष और मृतक के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी थी.

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पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते दो साल पहले आरोपी धर्मेंद्रसिंह के बड़े भाई ने भी घनश्यामसिंह पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद पाटनवाव पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था. जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे विवाद के बाद धर्मेंद्रसिंह के बड़े भाई ने अपनी पत्नी से तलाक भी ले लिया था. हालांकि, पुलिस इन सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है.

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले धर्मेंद्रसिंह ने गांधीग्राम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. उसने आरोप लगाया था कि घनश्यामसिंह लगातार उसे फोन करके धमकियां दे रहे हैं और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कहते हैं.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी को इतना डर था कि उसने अपना घर तक बदल लिया था. शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना से ठीक एक दिन पहले घनश्यामसिंह ने धर्मेंद्रसिंह को 40 से 50 मिस्ड कॉल किए थे. पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि धमकियों से जुड़े दावों की पुष्टि की जा सके.

हमले के तुरंत बाद आरोपी धर्मेंद्रसिंह वाघेला फरार हो गया. पुलिस के अनुसार, वह पहले अहमदाबाद पहुंचा और फिर वहां से लिंबड़ी की ओर निकल गया. भक्तिनगर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में लिंबड़ी हाईवे से उसे हिरासत में ले लिया.

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पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मृतक उसका सगा चचेरा भाई था और दोनों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चली आ रही थी. आरोपी ने दावा किया कि उसे डर था कि घनश्यामसिंह किसी दिन उसकी हत्या कर देंगे, इसलिए उसने पहले ही उन्हें मारने की साजिश बनाई. पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में उसकी मदद करने वाले दूसरे व्यक्ति की तलाश लगातार जारी है.

भक्तिनगर पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है. पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध सबूतों को भी खंगाल रही है. पुलिस अफसरों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी. फिलहाल मुख्य आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे?

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