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आंध्र प्रदेश: भारतीय नंबर, पाकिस्तानी Whatsapp! PAK की नापाक चाल की खुली पोल

आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी के मामले में बिहार के दो लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में भारतीय सिम के ओटीपी से व्हाट्सऐप खाते चालू करने और नौसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने वाले नेटवर्क की बात सामने आई है.

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भारतीय नंबर से पाकिस्तानी अकाउंट चालू करते थे आरोपी  (Representational)
भारतीय नंबर से पाकिस्तानी अकाउंट चालू करते थे आरोपी (Representational)

आंध्र प्रदेश पुलिस ने जासूसी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंट भारतीय सिम कार्ड से जुड़े ओटीपी का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप खाते चालू करते थे.

जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को ऑपरेशन फायरवॉल-2026 के दूसरे चरण में यह कार्रवाई हुई. आरोपियों की पहचान बिहार के रक्सौल निवासी राजा कुमार और आदित्य कुमार उर्फ आदित्य कुमार पांडेय के रूप में हुई है.

राजा कुमार POS एजेंट है. दोनों आरोपियों को बुधवार को विजयवाड़ा की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

पाकिस्तानी एजेंसियों को साझा किए ओटीपी

आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल की जांच में सामने आया कि राजा कुमार ने कथित तौर पर कई भारतीय मोबाइल नंबरों से जुड़े ओटीपी नेपाल में मौजूद संपर्कों के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से साझा किए. इन ओटीपी की मदद से व्हाट्सऐप अकाउंट शुरू किए गए.

बयान के मुताबिक, राजा कुमार ने सिम कार्ड के ओटीपी के बदले भुगतान लेने के लिए किसी दूसरे शख्स के नाम पर मोबाइल पेमेंट बैंक खाता भी खुलवा चुका था. इस खाते में बड़ी रकम जमा की गई थी.

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों में से एक ने सोनी या सोनी क्वीन नाम का इस्तेमाल करते हुए अन्नम साई वरा प्रसाद से संपर्क किया. प्रसाद विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के साथ काम करने वाला नागरिक ठेका ड्राइवर था. आरोप है कि एजेंट ने उससे पूर्वी नौसेना कमान के युद्धपोतों और पनडुब्बियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की.

पैसे देकर लेता था खूफिया जानकारी 

पुलिस के मुताबिक, जोशिता पाल नाम की एक दूसरी एजेंट ने विशाखापट्टनम में तैनात कर्मचारियों को पैसे भेजकर उनसे खूफिया जानकारी लेने की कोशिश की. वहीं आदित्य कुमार ने राजा कुमार, रक्सौल के अन्य लोगों और वसीम, सुल्तान तथा नईम नाम के पाकिस्तानी एजेंटों के साथ काम किया. उसने भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी से व्हाट्सऐप खाते चालू कराने में मदद की और सीक्रेट मैसेज वाले प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों से संपर्क रखा.

काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने नौसेना और रक्षा ठिकानों को निशाना बनाने वाली संदिग्ध जासूसी गतिविधियों की जानकारी के आधार पर 2 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता, गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम कानून और सरकारी गोपनीयता कानून, 1923 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था.

जांच के दौरान पुलिस ने अन्नम साई वरा प्रसाद को 1 अक्टूबर को विशाखापत्तनम और विशाखापत्तनम नौसेना अड्डे के कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी को 3 अक्टूबर को कोयंबटूर से गिरफ्तार किया था. दोनों अभी विजयवाड़ा जिला जेल में बंद हैं. अब राजा कुमार और आदित्य कुमार की गिरफ्तारी के साथ मामले में जांच आगे बढ़ रही है.

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