जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े एक्टिविस्ट राकेश हांडू उर्फ बंटी को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. हांडू पर कश्मीर घाटी में काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों और श्रमिकों को निशाना बनाने वाले कथित फर्जी आतंकी धमकी पत्रों को सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है. पुलिस ने उनके खिलाफ साइबर आतंकवाद से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक, बारामूला पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से 17 अक्टूबर को हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित राकेश हांडू के आवास पर कार्रवाई की थी. वहां से हिरासत में लेने के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू-कश्मीर ले जाया गया.
बारामूला में दर्ज हुई FIR
यह कार्रवाई बारामूला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 151/2026 के आधार पर की गई है. हांडू के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66F (साइबर आतंकवाद) और 84C के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच बारामूला में वित्त विभाग में तैनात प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज (PMRP) के कर्मचारी रोहित रैना की औपचारिक शिकायत के बाद शुरू हुई थी.
आतंकी संगठन के नाम से धमकी भरे पत्र फैलाने का आरोप
जांच अधिकारियों का आरोप है कि राकेश हांडू ने सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई बार ऐसे डिजिटल पत्र साझा किए, जिनमें कश्मीर घाटी में काम करने वाले अल्पसंख्यक कर्मचारियों और प्रवासी श्रमिकों को धमकियां दी गई थीं.
ये लेटर कथित तौर पर 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) नाम के एक आतंकी संगठन की ओर से जारी किए गए बताए जा रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, इन डिजिटल पत्रों में विशेष रूप से अल्पसंख्यक कर्मचारियों और प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाया गया था. आरोप है कि इनके सोशल मीडिया पर प्रसार से समुदाय में, खासकर कश्मीर में काम करने वाले लोगों के बीच, डर और दहशत का माहौल पैदा हुआ. जांचकर्ताओं का दावा है कि हांडू इन धमकी भरे पत्रों को बार-बार शेयर करने, उनमें बदलाव करने और उन्हें वायरल करने में शामिल थे.
नोटिस के बाद भी पूछताछ में नहीं हुए पेश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय साइबर सेल ने पहले ही आतंकी संगठनों से जुड़े मूल सोशल मीडिया हैंडल्स पर कार्रवाई की थी. इसके बावजूद कुछ प्रमुख सोशल मीडिया अकाउंट से धमकी वाले पत्र दोबारा शेयर किए जा रहे थे. जांचकर्ताओं के अनुसार, राकेश हांडू उन प्रमुख अकाउंट संचालकों में शामिल थे, जिनके जरिए इन पत्रों का प्रसार किया जा रहा था.
पुलिस का कहना है कि हांडू को इससे पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर बारामूला में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. हालांकि, वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद गैर-जमानती आरोपों के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई.
गिरफ्तारी पर कश्मीरी पंडित समुदाय में चिंता
राकेश हांडू की गिरफ्तारी के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय में चिंता जताई गई है. समुदाय के लोगों ने सरकार से मामले की समीक्षा करने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है. इस मामले में हांडू पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.