तमिलनाडु के मदुरै में रिकवरी एजेंट प्रेम कुमार ने कंपनी के दबाव में आकर लोन लेने वाले एक शख्स के कर्ज की आखिरी किस्त अपनी जेब से चुकाई थी. पैसे मांगने पर आरोपी ने कथित तौर पर प्रेम की हत्या कर दी और उसकी लाश को दफना दिया. पढ़ें पूरी कहानी.
तमिलनाडु के मदुरै में लोन की बकाया किस्त को लेकर एक रिकवरी एजेंट प्रेम कुमार की हत्या कर दी गई. असल में कंपनी की ओर से लगातार बढ़ रहे दबाव के कारण प्रेम ने अपनी जेब से ही एक शख्स की बकाया किस्त चुका दी थी. इसके बाद जब प्रेम ने कर्जदार से अपने पैसे वापस मांगे, तो विवाद बढ़ गया. उस कर्जदार ने बेरहमी से प्रेम को मौत के घाट उतार दिया.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपी की पहचान एम. कालिदास (38) के रूप में हुई है, जो उचिपुली के पास थुथिवालासाई का रहने वाला है. कालिदास और उसकी पत्नी सुधा ने करीब 2 लाख रुपये का लोन लिया था. सुधा लगभग छह महीने पहले नर्स की नौकरी करने विदेश चली गई थी, जिसके बाद लोन की बची हुई किस्तें चुकाने की जिम्मेदारी कालिदास पर थी.
पिछले महीने उसने रिकवरी एजेंट प्रेम कुमार से कहा था कि वह दो दिन के भीतर बकाया रकम चुका देगा. लेकिन बार-बार पैसे मांगने पर दोनों के बीच विवाद हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान प्रेम कुमार ने गुस्से में आकर कथित तौर पर आरोपी की पत्नी और बेटी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इस बात से आरोपी खफा था.
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को कालिदास ने प्रेम कुमार को पैसे लौटाने के बहाने थुथिवालासाई के पास समुद्र किनारे से सटी एक सुनसान जगह पर बुलाया और वहां तेजधार हथियार से प्रेम पर हमला कर दिया. इस दौरान आरोपी ने उसकी गर्दन पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही प्रेम की मौत हो गई. इसके बाद कालिदास ने लाश को सूखे ताड़ के पत्तों से ढक दिया.
आरोपी कालिदास ने प्रेम कुमार के गले से सोने की चेन भी उतार ली और वहां से निकल गया. इसके बाद कालिदास ने अपने भाई के मकान से एक फावड़ा लिया. फिर मौका-ए-वारदात पर जाकर गहरा गड्ढा खोदा और प्रेम कुमार की लाश के हाथ-पैर मोड़कर उसे वहां दफना दिया. आरोपी ने हत्या के सबूत मिटाने के लिए प्रेम कुमार की बाइक का इस्तेमाल भी किया. उसने प्रेम का मोबाइल फोन भी निर्माण स्थल पर पानी से भरे एक गड्ढे में फेंक दिया था.
जांच के दौरान पुलिस ने प्रेम कुमार की CDR से आखिरी फोन कॉल का पता लगाया, जो कालिदास ने उसे की थी. पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में केवल लोन से जुड़ी बात मानी थी. लेकिन बाद में एक CCTV कैमरे की फुटेज ने सारा राज खोल दिया, जिसमें कालिदास प्रेम कुमार की बाइक चलाते हुए दिखाई दे रहा था. इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उससे आगे पूछताछ की और उसे गिरफ्तार कर लिया.