दिल्ली के जीबी रोड इलाके से महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है. कमला मार्केट थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि कोठा नंबर 58 से दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों पीड़ित महिलाओं को रोजगार दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली लाया गया था. इसके बाद कथित तौर पर उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया.
पुलिस के मुताबिक, पहली पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली 26 साल की महिला है. वह 2 मई 2026 से लापता थी और 25 अगस्त को उसने अपनी मां से संपर्क कर बताया कि वह जीबी रोड के कोठा नंबर 58 में है. उसने मां से किसी तरह उसे वहां से निकालने की गुहार लगाई. सूचना मिलने के बाद महिला पुलिस पोस्ट की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला.
पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि 2 मई को वह पश्चिम बंगाल के एक रेलवे स्टेशन पर थी. इसी दौरान करीब 30 साल के कालू नाम के युवक ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा दिया और अपने साथ दिल्ली ले आया. आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद कालू ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और उसे जीबी रोड के कोठे की देखरेख करने वाली गीता के हवाले कर दिया.
पुलिस के अनुसार, गीता ने महिला को करीब एक महीने तक अपने घर पर रखा. इसके बाद उसे जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 ले जाया गया, जहां उसे कथित तौर पर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया. महिला ने आरोप लगाया कि उसके जरिए कमाई गई रकम गीता और मंजू अपने पास रखती थीं. इस मामले में पुलिस ने गीता और मंजू को आरोपी बनाया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.
दूसरी महिला ने बताई पूरी कहानी
इसी दौरान 28 साल की दूसरी महिला भी मदद की गुहार लेकर महिला पुलिस पोस्ट पहुंची. पुलिस ने उसे भी कोठा नंबर 58 से रेस्क्यू कराया. महिला ने बताया कि करीब दो साल पहले पश्चिम बंगाल में पति और सास से विवाद के बाद वह अपने आठ साल के बेटे के साथ घर से निकल गई थी. रास्ते में एक महिला ने उसके बेटे को खाना-पानी देने के बहाने उसका भरोसा जीता और मदद करने की बात कहकर दोनों को अपने घर ले गई.
महिला के मुताबिक, अगले दिन उसे और उसके बेटे को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लाया गया. वहां से दोनों को ऑटो के जरिए गीता के घर ले जाया गया. आरोप है कि अगले ही दिन गीता दोनों को जीबी रोड के कोठा नंबर 58 ले गई. महिला को बताया गया था कि उसे झाड़ू-पोंछा करने का काम मिलेगा, लेकिन बाद में कथित तौर पर उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया.
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसके आठ साल के बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई. महिला के मुताबिक, बाद में आरोपी पारो खातून ने उसके बेटे को एक हॉस्टल में भेज दिया. उसे अपने बेटे से तीन-चार महीने में केवल एक बार मिलने की इजाजत दी जाती थी. अब पुलिस बच्चे को तलाशने और उसे सुरक्षित बरामद करने की कोशिश कर रही है.
तीन महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई करते हुए गीता, मंजू और पारो खातून को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, 55 वर्षीय गीता जीबी रोड की रहने वाली है और मूल रूप से पश्चिम बंगाल की निवासी है. उसे कोठे की पिंप/केयरटेकर बताया गया है. 58 वर्षीय मंजू भी जीबी रोड में रहती है और पुलिस के मुताबिक वह कोठे की देखरेख से जुड़ी थी. वहीं 29 वर्षीय पारो खातून भी जीबी रोड की रहने वाली और कोठे की केयरटेकर बताई गई है.
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि पारो खातून, मंजू और गीता पहले भी मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण से जुड़े एक मामले में आरोपी रह चुकी हैं. यह मामला कमला मार्केट थाने में साल 2025 में दर्ज FIR नंबर 139/25 से संबंधित है. पुलिस के मुताबिक, तीनों फिलहाल अदालत से जमानत पर बाहर थीं. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मौजूदा मामले में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं.
कोठे से बरामदगी
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कोठा नंबर 58 से दो महिलाओं को रेस्क्यू करने के साथ कई अहम सामान भी बरामद किए गए. पुलिस के मुताबिक, मौके से 55 हजार रुपये नकद मिले हैं. इसके अलावा टोकन, एक रजिस्टर और बिजली का बिल भी बरामद किया गया है. पुलिस इन सामानों को जांच का हिस्सा बनाकर कथित नेटवर्क के संचालन और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है.
दोनों महिलाओं का लोक नायक अस्पताल में मेडिकल कराया गया. इसके बाद उनकी काउंसलिंग कराई गई और पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए. दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के साथ अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम यानी ITP Act की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब फरार या अन्य संदिग्ध आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.
सूचना मिलते ही पुलिस का एक्शन
पुलिस के मुताबिक, महिला पुलिस पोस्ट को कोठा नंबर 58 में महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनके शोषण की सूचना मिली थी. इसके बाद महिला पुलिस पोस्ट की प्रभारी W/SI किरण सेठी के नेतृत्व में W/Ct. कोमल और W/Ct. रश्मि की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने दोनों पीड़ित महिलाओं को वहां से सुरक्षित निकाला और कानूनी कार्रवाई शुरू की.
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है. पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिलाओं को दिल्ली लाने, उन्हें कोठे तक पहुंचाने और कथित तौर पर देह व्यापार में धकेलने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ कथित मानव तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है.