एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की पूरी कहानी साफ हो रही है. कोटा पुलिस ने इस मामले में तीन शूटर रेहान,ऋतिक और एक नाबालिग को पकड़ा गया है. कोटा पुलिस की एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा है कि इस हमले को अंजाम देने के लिए अनिल पंडित ने रेहान नाम के शूटर से संपर्क किया. इसके बाद रेहान ने सोनीपत से एक नाबालिग को हायर किया. ये नाबालिग भी सोनीपत का ही रहने वाला है. इसके बाद रेहान, नाबालिग और बिहार के बेगूसराय के रहने वाले ऋतिक ने इस फायरिंग को अंजाम दिया. एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार ऋतिक मुंबई में रेपिडो राइडर है और उसे हर रास्ते की जानकारी थी. पुलिस के अनुसार गैंगस्टर अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता है.
कोटा पुलिस ने कहा है कि आरोपी पहले दिल्ली पहुंचने वाले थे. इसके बाद वे नेपाल भागने वाले थे. अबतक की पूछताछ में पता चला है कि तीनों आरोपियों ने पैसे के लिए टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलाई थी. जान लेना इनका मकसद नहीं था.
जनरल बोगी से पकड़े गए
पुलिस ने बताया कि आरोपी पुणे-जयपुर सुपर फास्ट ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, जो सुबह 10.17 बजे कोटा स्टेशन पहुंची थी.
मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ जानकारी साझा की. इसके बाद, कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने स्टेशन पर एक टीम भेजी. अधिकारियों ने बताया कि रेलवे पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया था और तीनों को जनरल कोच से पकड़ लिया गया. एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि मुंबई पुलिस से सूचना मिलने के 15 मिनट के अंदर कोटा पुलिस एक्टिव हो गई और आरोपियों को पकड़ लिया.
SP तेजस्विनी गौतम ने बताया, "आज सुबह हमें एक सूचना मिली, जिसके बाद हमने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया. हमें पता चला कि फायरिंग में शामिल तीन मुख्य संदिग्ध ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं और कोटा पहुंचने वाले हैं. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, हमारी टीम ने महज 15 मिनट के भीतर जाल बिछाया और पूरी ट्रेन की सघन तलाशी ली. कोटा सिटी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के चलते, हमने फायरिंग के लिए जिम्मेदार तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया है. हम जल्द ही इन संदिग्धों को मुंबई पुलिस को सौंप देंगे. इन तीनों व्यक्तियों के नाम हैं, हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला रेहान उर्फ सुक्का; बिहार के बेगूसराय का रहने वाला ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन, जो पिछले कुछ वर्षों से महाराष्ट्र के मुंबई में रह रहा था; और एक नाबालिग."
ऑपरेशन की डिटेल देते हुए तेजस्विनी गौतम ने कहा, "आरोपी को पकड़ने के लिए हमने एग्जिट पॉइंट्स, प्लेटफॉर्म और कई अन्य जगहों को कवर किया.यह पुणे-जयपुर एक्सप्रेस थी. हमें सुबह लगभग 9:45 बजे सूचना मिली. इसके बाद हम ऑपरेशन में जुटे."
कोटा पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कहा कि हमलावरों का मकसद एक्टर को सिर्फ धमकाना था.
रैपिडो राइडर और मजदूर से शूटर
"मुंबई पुलिस आ गई है और हम आरोपी को उन्हें सौंप देंगे.शुरुआती पूछताछ के आधार पर पता चला है कि आरोपियों में से एक रैपिडो राइडर है. आगे की विस्तृत पूछताछ से और स्पष्टता आएगी. बाकी दो लोगों में से एक नाबालिग है, और दूसरा, रेहान, सोनीपत में मजदूर के तौर पर काम करता है. शुरुआती पूछताछ से पता चला कि उनका इरादा इस ट्रेन से दिल्ली जाने और वहां से नेपाल भाग जाने का था. रेहान पहले भी अनिल पंडित के संपर्क में था..."
बता दें कि रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में तीन हमलावरों ने श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाईं. अभिनेता तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि 'वॉर' फिल्म के अभिनेता पर तीन राउंड गोलियां चलाई गईं.
सोशल मीडिया के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई का अभी पता लगाया जाना बाकी है.
हथियार नहीं हो सका है बरामद
एसपी ने कहा है कि "अभी तक हथियार नहीं मिले हैं. हालांकि उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने हथियारों का क्या किया, और फिर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि अनिल पंडित, रेहान के संपर्क में था. अनिल पंडित का संबंध लॉरेंस बिश्नोई से है."
टाइल्स लगाता था नाबालिग आरोपी
नाबालिग आरोपी के पिता ने कहा है कि उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. वो 13 तारीख को घर आया, इसके बाद कहां गया इसकी आरोपी नहीं. नाबालिग आरोपी के पिता ने कहा है वे खुद दिव्यांग हैं, ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं. पिता ने आशंका जताई है कि उसके बेटे को कोई बहला-फुसलाकर ले गया है.
वेल्डिंग करता था रेहान
वहीं रेहान सोनीपत के गांव देवरु का रहने वाला है. रेहान अपनी मां और छोटे भाई के साथ गांव देवरु में रहता है. रेहान अपने पिता से 12 साल पहले अलग हो गया था. रेहान ने नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई अपराध की दुनिया में आया था. कोटा पुलिस ने कहा है कि पहले भी अवैध हथियार रखने के मामले में रेहान जेल जा चुका है. रेहान की मौसी अफसाना ने बताया जेल से छूटने के बाद वो वेल्डिंग का काम करता था. घर से निकलते वक्त उसने कहा था कि वो वेल्डिंग करने जा रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे फायरिंग में लॉरेंस गैंग का हाथ है ये स्पष्ट हो गया है. तीनों आरोपियों ने कहा है कि वे सीधे लॉरेन्स बिश्नोई को नहीं जानते हैं, न ही उससे कभी मिले हैं. अनिल पंडित ने ही रेहान को इस फायरिंग की सुपारी दी थी. रेहान ने इसकी प्लानिंग और नाबालिग को साथ लिया जो सोनीपत शहर में रहता है. इन्हें सारा लॉजिस्टिक लॉरेंस गैंग के लोगों ने ही मुहैया कराया था.
इसके बाद रेहान नाबालिग के साथ मुंबई पहुंचा. यहां इनकी मुलाकात ऋतिक नाम के लड़के से हुई. ऋतिक रैपिडो राइडर था और उसे पूरे इलाके की जानकारी थी. तीनों मिलकर रेकी करते हैं. इसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम देते हैं.
पैसे के लिए दिया वारदात को अंजाम
रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे फायरिंग में लॉरेंस गैंग का हाथ है ये स्पष्ट हो गया है. तीनों आरोपियों ने कहा है कि वे सीधे लॉरेन्स बिश्नोई को नहीं जानते हैं, न ही उससे कभी मिले हैं. अनिल पंडित ने ही रेहान को इस फायरिंग की सुपारी दी थी. रेहान ने इसकी प्लानिंग और नाबालिग को साथ लिया जो सोनीपत शहर में रहता है. इन्हें सारा लॉजिस्टिक लॉरेंस गैंग के लोगों ने ही मुहैया कराया था.
इसके बाद रेहान नाबालिग के साथ मुंबई पहुंचा. यहां इनकी मुलाकात ऋतिक नाम के लड़के से हुई. ऋतिक रैपिडो राइडर था और उसे पूरे इलाके की जानकारी थी. तीनों मिलकर रेकी करते हैं. इसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम देते हैं.
कोटा पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों ने पैसे के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है और इनका कोई मोटिव सामने नहीं आया है. इन आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि हत्या करना इनका मकसद नहीं था.