भारतीय रेलवे ने ट्रेन सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करने के लिए कवच वर्जन 4.0 के विस्तार को मंजूरी दी है. रेल मंत्रालय ने 12 अगस्त को नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे के इज्जतनगर डिवीजन के उन हिस्सों में कवच लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जो अभी तक इस स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के दायरे में नहीं आए थे. इस परियोजना पर करीब ₹295 करोड़ खर्च होंगे और इससे लगभग 660 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क कवर किया जाएगा.
रेल मंत्रालय के मुताबिक, यह मंजूरी इज्जतनगर डिवीजन के उन बैलेंस सेक्शंस के लिए दी गई है, जहां अभी कवच सिस्टम उपलब्ध नहीं है. इसका मकसद रेलवे के ऐसे चिन्हित सेक्शन में सेफ्टी स्ट्रक्चर को मजबूत करना है, जहां अभी तक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम की सुविधा नहीं पहुंची है. परियोजना पूरी होने के बाद इज्जतनगर डिवीजन के इन हिस्सों में ट्रेनों की सेफ्टी के लिए एक अतिरिक्त टेक्निकल सिक्योरिटी लेयर उपलब्ध होगा.
क्या है Kavach 4.0?
कवच भारतीय रेलवे का स्वदेशी Automatic Train Protection (ATP) सिस्टम है. इसे मुख्य रूप से ट्रेन को सिग्नल पार करने, टक्कर और अन्य गंभीर जोखिमों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है. सिस्टम ट्रेन की स्पीड और मूवमेंट पर लगातार नजर रखता है. अगर किसी स्थिति में लोकोमोटिव पायलट समय पर जरूरी एक्शन नहीं ले पाता, तो कवच जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकता है. इससे ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोकने और हादसे का जोखिम कम करने में मदद मिलती है.
सिग्नल ब्रेक होने पर भी ट्रेन सेफ्टी
कवच का एक अहम उद्देश्य ट्रेनों द्वारा गलती से नो सिग्नल क्रॉस (SPAD) कर लेने जैसी घटनाओं के दौरान होने वाले जोखिम को कम करना है. यानी अगर ट्रेन किसी ऐसे सिग्नल को पार करने की स्थिति में पहुंचती है, जिसे पार करने की अनुमति नहीं है, तो सिस्टम अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध करा सकता है. इसके अलावा, कवच ट्रेन की गति को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में भी मदद करता है.
घने कोहरे में भी नहीं थमेगी रफ्तार
कवच सिस्टम का महत्व खराब मौसम, खासकर घने कोहरे के दौरान और बढ़ जाता है. कोहरे में लोकोमोटिव पायलट की विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है. उसके लिए सिग्नल और ट्रैक को देखना मुश्किल हो सकता है. ऐसे समय में कवच सिस्टम ट्रेन के संचालन पर निगरानी रखता है और एक अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर के तौर पर काम करता है. इससे रेलवे को खराब मौसम या कोहरे में भी सुरक्षित ट्रेन संचालन बनाए रखने में मदद मिलती है.