घर बनाने के लिए यूज किए जाने वाली चीजों के दाम बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर बनवान महंगा होता हुआ दिख रहा है. इसी महीने के दौरान सीमेंट बनाने वाली कंपनियों ने सीमेंट के दाम में बढ़ोतरी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति बैग 7 रुपये सीमेंट के दाम बढ़े हैं.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि अक्टूबर महीने के दौरान सीमेंट के दाम और भी बढ़ने वाले हैं. सीमेंट के प्रति बोरी की कीमत 5 से 20 रुपये बढ़ने का अनुमान है. हालांकि, सेंट्रम ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन बढ़ोतरी का टिके रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि मांग में कितनी रिकवरी होती है और क्या डीलर ज़्यादा कीमतें मानने को तैयार हैं?
सीमेंट की कीमतों में यह बढ़ोतरी दिल्ली सरकार द्वारा 1 नवंबर, 2026 से 31 जनवरी, 2027 (92 दिन) तक धूल उड़ाने वाली तोड़-फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध से पहले होने का अनुमान है. इस साल 10 दिसंबर से प्रतिबंध और कड़े कर दिए जाएंगे, जिसमें 20 जनवरी (42 दिन) तक सभी कंट्रक्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी. यह समय सर्दियों में प्रदूषण के सबसे ज्यादा होने का समय होता है. इन प्रतिबंधों से दिल्ली-एनसीआर एरिया में निर्माण गतिविधियों और प्रोजेक्ट के काम के अस्थायी रूप से रुकने की संभावना है.
प्रतिबंध से सीमेंट की मांग में आएगी कमी, फिर क्यों बढ़ेंगे दाम?
यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली-NCR में निर्माण गतिविधियों पर रुकावट से पहले सीमेंट कंपनियां कीमतों में बढ़ोतीर को कैसे लागू करती हैं. वह भी ऐसे समय में जब तीन महीने तक निर्माण पर रुकावट रहने से दिल्ली एनसीआर में सीमेंट की मांग में कमी आएगी.
इस बीच, सेंट्रम ने कहा कि हाल के हफ्तों में ईंधन की लागत में हुई भारी बढ़ोतरी के कारण सीमेंट कंपनियों के लिए ज़्यादा कमाई बनाए रखना और बढ़ोतरी लागू करना जरूरी हो सकता है. हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी मांग पर भी निर्भर करेगी.
अभी क्या है सीमेंट की कीमत?
पिछले दो महीनों में सीमेंट की कीमतों में सुस्ती के बाद सितंबर में कीमतों में तेजी देखने को मिली है. जुलाई और अगस्त में कीमतों में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ था, जिसके बाद सितंबर में अखिल भारतीय औसत व्यापार मूल्य में महीने-दर-महीने 7 रुपये प्रति बैग की वृद्धि हुई और यह 356 रुपये तक पहुंच गया.
सेंट्रम द्वारा किए गए चैनल चेक से पता चला कि महीने के दौरान व्यापार और गैर-व्यापार दोनों क्षेत्रों में कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसमें अधिकांश बाजारों में गैर-व्यापार क्षेत्र में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि कई बाजारों में कंपनी के बिलिंग प्राइस में हुई बढ़ोतरी का पूरा लाभ अंतिम ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है. कुछ स्थानों पर डीलरों ने तिमाही के अंत के सेलिंग टारगेट को पूरा करने के लिए पहले की कीमतों पर ही माल बेचना जारी रखा है.
सेंट्रम ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सीमेंट की मांग सामान्य से कम रही. तिमाही के अंत में कई बाजारों में गतिविधि में तेजी आई है, जिससे कंपनियों को अक्टूबर में कीमतों में और बढ़ोतरी करने का अवसर मिला है. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने चेतावनी दी कि इन उच्च कीमतों को बनाए रखने की क्षमता अंततः मांग में सुधार की गति पर निर्भर करेगी.
जुलाई और अगस्त के दौरान कई बाजारों में मांग सीमित दायरे में ही रही, जबकि सितंबर में क्षेत्रीय रुझान मिले-जुले रहे. सितंबर में दक्षिण भारत में कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जहां औसत कीमतों में 11 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी हुई. पश्चिम भारत में 9 रुपये प्रति बोरी की वृद्धि हुई, जबकि मध्य, पूर्वी और उत्तरी भारत में 5 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी देखने को मिली.