बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के नतीजे मंगलवार को घोषित किए जाएंगे. ये नतीजे सत्ताधारी NDA, विपक्षी महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के लिए अहम होंगे.
इस चुनाव में चार ग्रेजुएट और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, और कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं. नतीजों से पता चलेगा कि ग्रेजुएट और टीचर वोटरों के बीच इन पार्टियों का प्रदर्शन कैसा रहा. ये नतीजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, RJD नेता तेजस्वी यादव और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए खास हैं.
सीएम सम्राट चौधरी के लिए MLC चुनाव एक और बड़ी राजनीतिक परीक्षा है. BJP को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज से हार का सामना करना पड़ा था. उस हार ने BJP के प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए थे.
MLC की ये आठ सीटें सीएम सम्राट को यह दिखाने का एक और मौका देती हैं कि NDA मिलकर काम कर सकता है. BJP और JDU ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं. लेकिन गठबंधन को अंदरूनी कलह का भी सामना करना पड़ा, जिसमें अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का टकराव शामिल है.
अगर NDA के उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो गठबंधन इन नतीजों को ग्रेजुएट और टीचर वोटरों के बीच अपने समर्थन के सबूत के तौर पर पेश कर सकता है. अगर वे सीटें हारते हैं, तो उनके कैंपेन, तालमेल और नेताओं के बीच मतभेदों को संभालने की क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं.
तेजस्वी यादव और महागठबंधन के लिए भी ये नतीजे अहम हैं. RJD, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं. पटना ग्रेजुएट सीट पर RJD उम्मीदवार दिलीप कुमार का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. असदुल्ला खान से है. अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी विपक्षी पार्टियों के बीच इसी तरह के मुकाबले देखने को मिले हैं.
कॉमन उम्मीदवार न होने से विपक्षी वोट बंट सकते हैं. नतीजों से पता चलेगा कि क्या RJD और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़कर भी सीटें जीत सकती हैं या नहीं.
अगर RJD के उम्मीदवार जीतते हैं, तो तेजस्वी ग्रेजुएट और टीचर वोटरों के बीच पार्टी के समर्थन का हवाला दे सकते हैं. अगर पार्टी सीटें नहीं जीत पाती है, तो उसके प्रदर्शन और सहयोगियों के साथ तालमेल पर चर्चा हो सकती है.
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाने की कोशिश कर रही है. उसने सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं.