शेयर बाजार निवेशकों के लिए गुरुवार को दिन बेहद शानदार साबित हुआ और उनकी ताबड़तोड़ कमाई हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स दिनभर गदर मचाने के बाद 2000 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 576 अंकों की जोरदार उछाल के साथ क्लोज हुआ. बाजार में ये तेजी अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद देखने को मिली है, जिसका जश्न अमेरिका से भारत तक देखने को मिला है.
Sensex-Nifty का दिनभर गदर
शेयर मार्केट में गुरुवार को आई तेजी पर नजर डालें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,301 की तुलना में उछलकर 78,910 पर ओपन हुआ था और फिर जैसे-जैसे शेयर बाजार में कारोबार आगे बढ़ा, इंडेक्स की ये रफ्तार तेज होती चली गई. अंत में BSE Sensex 2008 अंक या 2.60% की तेजी लेकर 79,310 के लेवल पर बंद हुआ.
सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी इंडेक्स की भी चाल रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स बुधवार की अपनी क्लोजिंग 23,960 के मुकाबले तेजी लेकर 24,378 पर खुला था और फिर ये भी रॉकेट की रफ्तार से भागता रहा. बाजार बंद होने पर NSE Nifty 576 अकों की उछाल के साथ 24,536 पर क्लोज हुआ.
निवेशकों की बल्ले-बल्ले, 5 ट्रिलियन का हुआ बाजार
Share Market Rally के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों ने तगड़ी कमाई की है. इसका कैलकुलेशन BSE MCap का आंकड़ा देखकर लगाया जा सकता है. दरअसल, बीते कारोबारी दिन बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,94,42,140.62 करोड़ रुपये था, जो कि गुरुवार को मार्केट क्लोजिंग पर उछलकर 5,01,61,673.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से निवेशकों ने एक झटके में 7 लाख करोड़ रुपये के आसपास कमाई कर डाली.
लंबे समय तक गिरावट झेलने के बाद शेयर बाजार में ये लगातार छठा सत्र था, जब सेंसेक्स-निफ्टी का गदर देखने को मिला है. इन छह कारोबारी दिनों में शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स ने करीब 25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा छाप लिए हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि शेयर बाजार में गुरुवार को आई रैली के चलते भारतीय शेयर बाजार अब 5 ट्रिलियन रुपये का मार्केट बन गया है.
इन शेयरों से मिला बाजार को सपोर्ट
बाजार की क्लोजिंग पर शेयर मार्केट में लिस्ट करीब 133 शेयरों ने 52 वीक के हाई लेवल को छुआ, जो वहीं 69 शेयर इस रैली में भी 52 वीक का लो-लेवल हिट कर गए. इसके अलावा 2994 शेयर तेज उछाल के साथ ग्रीन जोन में बंद हुए, जबकि 1453 शेयरों ने गिरावट के साथ क्लोजिंग की. इसके अलावा 200 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जिनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ यानी ये फ्लैट रहे.
शेयर बाजार में इस तेजी के कारण क्या?
शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Midterm Election में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. इसके बाद बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी झूम उठा था और डाउ जोन्स में तो 18 महीने की बड़ी रैली देखने को मिली. इसमें 3 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया.
जहां ट्रंप की हार पर अमेरिकी शेयर बाजार जश्न के मूड में नजर आया, तो वहीं इसका बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला, जो एक झटके में क्रैश हो गईं. इनमें 10 फीसदी के आसपास की गिरावट देखने को मिली और लंबे समय बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 90 डॉलर के नीचे आ गया.
इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार पर बुलिश बने नजर आ रहे हैं. हफ्ते भर में FPIs ने इंडियन इक्विटी में करीब 25000 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया है, जिससे शेयर बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है और शेयर मार्केट में रैली देखने को मिली है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)