साल 2026 की शुरुआत में शायद ही किसी निवेशक ने सोचा होगा कि स्टॉक मार्केट इतना नीचे जाएगा. आज भारतीय बाजार में हर निवेशक को ‘मसान’ फिल्म में विक्की कौशल का वो आइकॉनिक डायलॉग याद आता होगा- ‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे!’.
दरअसल, भारतीय शेयर बाजार ने साल 2026 में करीब 30 लाख करोड़ रुपये की रकम डूबो डाली है. सेंसेक्स जनवरी से अबतक 12000 अंक से ज्यादा गिर चुका है और निफ्टी भी 3700 अंक नीचे आ चुका है.
जनवरी में कैसा था शेयर बाजार?
साल 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अच्छी रही थी. 2 जनवरी 2026 को निफ्टी अपने रिकॉर्ड के करीब 26,340 पर पहुंच गया था, वहां से निफ्टी 3700 अंक या 14.16% गिरकर 22,600 पर आ चुके हैं. वहीं बीएसई सेंसेक्स की बात करें तो यह 2 जनवरी को 85762 अंक पर था, लेकिन वहां से 14.74% या 12600 अंक गिरकर 73,123.83 पर आ चुका है.
30 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. 2 जनवरी को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन ने भी एक रिकॉर्ड बनाया था और पहली बार इसने 481 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया था. हालांकि, अब ये 451 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. यानी कि 30 लाख करोड़ रुपये का बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में नुकसान हुआ है. इसका मतलब ये है कि निवेशकों की निवेश की गई रकम 30 लाख करोड़ रुपये कम हो चुकी है.
साल 2026 में FII की सेलिंग
इस साल विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से पैसा निकालने का रिकॉर्ड बनाया है. साल 2025 की तुलना में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से अभी तक लगभग 3 गुना पैसा निकाल लिया है और अभी भी साल खत्म होने में 2 महीने बचे हुए हैं. 23 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 2026 में भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹4.57 लाख करोड़ की नेट सेलिंग की है.
सिर्फ अक्टूबर में ही विदेशी निवेशकों ने ₹52,353 करोड़ के शेयर बेचे हैं. एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से ₹3,459 करोड़ रुपये की बिक्री की है.
साल 2026 में शेयर बाजार गिरावट के प्रमुख कारण
इस हफ्ते कैसा रहा है बाजार?
भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते भी निवेशकों का भारी नुकसान कराया है. इस हफ्ते में मार्केट ने लगातार चार दिन तक लगातार गिरावट देखी है. सेंसेक्स एक हफ्ते में 1,252.15 अंक गिरा है, जबकि निफ्टी 384 अंक गिरा है. ऐसे में निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है.
(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)