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Stock Market Crash in 2026: अब कितना दर्द देगा बाजार? 2026 में 30 लाख करोड़ डूबे, सेंसेक्‍स 15% गिरा

भारतीय शेयर बाजार साल 2026 के दौरान बड़ी गिरावट से गुजर रहा है. अभी तक निवेशकों को 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. सेंसेक्‍स भी 15 फीसदी या 12000 अंक से ज्‍यादा टूट चुका है.

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2026 में शेयर बाजार 15 फीसदी गिरा. (Photo: ITG)
2026 में शेयर बाजार 15 फीसदी गिरा. (Photo: ITG)

साल 2026 की शुरुआत में शायद ही किसी निवेशक ने सोचा होगा कि स्‍टॉक मार्केट इतना नीचे जाएगा. आज भारतीय बाजार में हर निवेशक को ‘मसान’ फिल्म में विक्की कौशल का वो आइकॉनिक डायलॉग याद आता होगा- ‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे!’. 

दरअसल, भारतीय शेयर बाजार ने साल 2026 में करीब 30 लाख करोड़ रुपये की रकम डूबो डाली है. सेंसेक्‍स जनवरी से अबतक 12000 अंक से ज्‍यादा गिर चुका है और निफ्टी भी 3700 अंक नीचे आ चुका है. 

जनवरी में कैसा था शेयर बाजार? 
साल 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अच्‍छी रही थी. 2 जनवरी 2026 को निफ्टी अपने रिकॉर्ड के करीब 26,340 पर पहुंच गया था, वहां से निफ्टी 3700 अंक या 14.16% गिरकर 22,600 पर आ चुके हैं. वहीं बीएसई सेंसेक्‍स की बात करें तो यह 2 जनवरी को 85762 अंक पर था, लेकिन वहां से 14.74% या 12600 अंक गिरकर 73,123.83 पर आ चुका है. 

30 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप 
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. 2 जनवरी को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन ने भी एक रिकॉर्ड बनाया था और पहली बार इसने 481 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया था. हालांकि, अब ये 451 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. यानी कि 30 लाख करोड़ रुपये का बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में नुकसान हुआ है. इसका मतलब ये है कि निवेशकों की निवेश की गई रकम 30 लाख करोड़ रुपये कम हो चुकी है. 

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साल 2026 में FII की सेलिंग
इस साल विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से पैसा निकालने का रिकॉर्ड बनाया है. साल 2025 की तुलना में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से अभी तक लगभग 3 गुना पैसा निकाल लिया है और अभी भी साल खत्‍म होने में 2 महीने बचे हुए हैं. 23 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 2026 में भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹4.57 लाख करोड़ की नेट सेलिंग की है. 

सिर्फ अक्‍टूबर में ही विदेशी निवेशकों ने ₹52,353 करोड़ के शेयर बेचे हैं. एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्‍टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से ₹3,459 करोड़ रुपये की बिक्री की है. 

साल 2026 में शेयर बाजार गिरावट के प्रमुख कारण 

  1. शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्‍चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर बने रहना है. लंबे समय से कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है. 23 अक्‍टूबर को ब्रेंट क्रूड ऑयल 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.  
  2. कच्‍चे तेल में तेजी की वजह जियो-पॉलिटिकल तनाव है. ईरान जंग के कारण होर्मुज का रास्‍ता लंबे समय से बंद है और अब लाल सागर वाला रास्‍ता भी हूतियों के सऊदी अरब पर लगातार हमले के कारण बंद है. ऐसे में कच्‍चे तेल को लेकर दुनिया भर में संकट छा रहा है. वहीं रूस-यूक्रेन का जंग भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. 
  3. डॉलर की तुलना में रुपया तेजी से नीचे आया है. जनवरी में एक डॉलर के बदले रुपये की वैल्‍यू 90 रुपये थी और आज यह 95 के करीब है. वहीं कुछ दिन पहले यह 97 लेवल पर भी आ गया था. 
  4. विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालकर अमेरिकी और अन्‍य मार्केट में निवेश किया है, क्‍योंकि भारतीय बाजार की तुलना में अमेरिकी बाजार ने अच्‍छा रिटर्न दिया है. 
  5. अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्‍ड यील्‍ड रिकॉर्ड हाई पर रहा है. अभी भी यह 5 फीसदी ऊपर है, जिस कारण निवेशकों को भारतीय बाजार से अच्‍छे बॉन्‍ड मार्केट अच्‍छे नजर आ रहे हैं. 

इस हफ्ते कैसा रहा है बाजार? 
भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते भी निवेशकों का भारी नुकसान कराया है. इस हफ्ते में मार्केट ने लगातार चार दिन तक लगातार गिरावट देखी है. सेंसेक्‍स एक हफ्ते में 1,252.15 अंक गिरा है, जबकि निफ्टी 384 अंक गिरा है. ऐसे में निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान उठाना पड़ा है. 

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(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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