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भारत में पहली बार ट्रेन के साथ जुड़ेगा ब्रांड! अब Sprite नाम के साथ चलेगी लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस

भारतीय रेलवे में पहली बार किसी ट्रेन के नाम के साथ कमर्शियल ब्रांड जुड़ने जा रहा है. 19 अगस्त से लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को स्टेशन अनाउंसमेंट में ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के नाम से पुकारा जाएगा. IRCTC ने कोका-कोला को करीब 6 महीने के लिए ट्रेन की ब्रांडिंग और विज्ञापन के अधिकार दिए हैं.

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लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस अब 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' के नाम से चलेगी. (Photo: AI/Gemini)
लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस अब 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' के नाम से चलेगी. (Photo: AI/Gemini)

लखनऊ-दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस का नाम अब एक कमर्शियल ब्रांड के साथ जुड़ने जा रहा है. 19 अगस्त 2026 से ट्रेन नंबर 82501/82502 का स्टेशन अनाउंसमेंट 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' के नाम से किया जाएगा. यह नाम 11 नवंबर 2026 तक इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है.

इसके साथ ही यह भारत की पहली ऐसी ट्रेन बन जाएगी, जिसे आधिकारिक तौर पर किसी कमर्शियल ब्रांड के नाम के साथ पुकारा जाएगा. यह बदलाव एक ब्रांडिंग और विज्ञापन डील के तहत किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, IRCTC ने सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी कोका-कोला को करीब 6 महीने के लिए ट्रेन के विज्ञापन और ब्रांडिंग अधिकार दिए हैं. कोका-कोला अपने फेमस कोल्ड ड्रिंक 'स्प्राइट' को तेजस ट्रेन के जरिए एडवर्टाइज करेगी. ये अधिकार लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस के जरिए दिए गए हैं.

पहली बार ट्रेन के नाम से जुड़ेगा ब्रांड

भारतीय रेलवे की ट्रेनों और दूसरी रेलवे संपत्तियों पर पहले भी विज्ञापन देखने को मिलते रहे हैं. हालांकि, इस बार विज्ञापन सिर्फ ट्रेन सेट या किसी संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रेन के नाम में भी ब्रांड शामिल किया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अप और डाउन दोनों तेजस ट्रेन के शुरुआती और रास्ते में आने वाले स्टेशनों पर इसके नए नाम 'स्प्राइट तेज एक्सप्रेस' का अनाउंसमेंट किया जाएगा.

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कोका-कोला चलाएगी तेजस एक्सप्रेस?

इस ब्रांडिंग को लेकर यह भ्रम हो सकता है कि तेजस ट्रेन अब कोका-कोला या किसी दूसरी निजी कंपनी के संचालन में चली जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं है. लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस का संचालन IRCTC ही करता रहेगा. स्प्राइट को केवल विज्ञापन और ब्रांडिंग के अधिकार दिए गए हैं.

लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को अक्सर देश की पहली 'प्राइवेट ट्रेन' कहा जाता है, क्योंकि इसका संचालन सीधे भारतीय रेलवे के बजाय IRCTC करता है. हालांकि, इस ट्रेन के लिए ट्रैक, स्टेशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भारतीय रेलवे का ही रहता है. इन सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए IRCTC रेलवे को भुगतान करता है.

यात्रियों पर क्या होगा असर?

ब्रांडिंग डील का यात्रियों की यात्रा और ट्रेन की मूल सेवाओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. ट्रेन का संचालन, ट्रैक, स्टेशन और दूसरी बुनियादी व्यवस्थाएं पहले की तरह ही रहेंगी. यानी यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव स्टेशन पर सुनाई देने वाला ट्रेन का नया नाम होगा.

2019 में शुरू हुई थी तेजस एक्सप्रेस

लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत 2019 में हुई थी. इसे प्रीमियम और आधुनिक, पूरी तरह एयर-कंडीशंड ट्रेन सेवा के तौर पर पेश किया गया था. ट्रेन में यात्रियों को ऑन-बोर्ड फूड, बेवरेज और इन्फोटेनमेंट जैसी सुविधाएं मिलती हैं. इसके अलावा कॉरपोरेट इवेंट, शादी या अन्य सामूहिक आयोजनों के लिए 78 सीटों वाले एसी चेयर कार कोच की बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

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