देश आजादी की 80वीं सालगिरह (80th Independence Day 2026) मना रहा है. 1947 में अंग्रेजी शासन से आजाद होने के बाद हर साल 15 अगस्त को आजादी का दिन यानी इंडिपेंडेंस-डे सेलिब्रेट (Independence Day) सेलिब्रेट किया जाता है. भारत आज दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (Economy) है. इसमें तमाम कारोबारी जगत के दिग्गजों का बड़ा योगदान है. कई ऐसी बड़ी कंपनियां है, जिनकी शुरुआत आजदी से पहले की गई थी, और आज भी देश की इकोनॉमी को आर्थिक मजबूती दे रही हैं. इनके न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया में डंका है.
बिजनेस जगत के इन दिग्गजों ने की शुरुआत
Indian Economy में अपने कारोबारों के जरिए योगदान देने वाले देश के दिग्गज उद्योगपतियों की बात करें, तो इनमें जमशेतजी टाटा, एसके आर्देशर और पिरोजशा गोदरेज, माधव प्रसादबिड़ला और केए हमीद जैसे नाम सबसे ऊपर आते हैं. इनके द्वारा जिन कंपनियों की नींव आजादी से पहले रखी गई, वे आज भी बड़े स्तर पर कारोबार कर रही हैं और लाखों लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रही है. हेल्थ सेक्टर हो या फिर ऑटो, एविएशन या आईटी सेक्टर भारतीय कंपनियों की धमक पूरी दुनिया में सुनाई देती है.
टाटा ग्रुप (शुरुआत: वर्ष 1868)
आजादी से पहले शुरू हुई कंपनियों में टाटा ग्रुप (Tata Group) का नाम सबसे ऊपर आता है. देश को नमक से लेकर लग्जरी कार, हवाई जहाज के सफर कराने से लेकर अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दस्तक देने वाले इस समूह के कारोबार की शुरुआत 1868 में हुई थी. आज आईटी सेक्टर (IT Sector) की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस (TCS), मेटल सेक्टर में टाटा स्टील (Tata Steel), टाटा मोटर्स (Tata Motors) के साथ इंडियन होटल कंपनी (Indian Hotel Company) इस समूह का हिस्सा है.
एअर इंडिया (Air India) के जरिए जहां टाटा समूह एविएशन सेक्टर में बड़ा नाम है, तो वाहनों के मामले में जैगुआर (Jaguar) और लैंड रोवर (Land Rover) ब्रांड भी टाटा के हाथ आ चुके हैं. जमशेदजी टाटा द्वारा 1903 में इंडियन होटल्स कंपनी की स्थापना की गई थी. मुंबई में ताजमहल पैलेस (Taj Hotel Mumbai) आज देश की पहचान बन चुका है.

ब्रिटानिया (शुरुआतः वर्ष 1892 )
फूड सेक्टर (Food Sector) की ब्रिटानिया (Britannia) की शुरुआत भी आजादी से पहले साल 1892 में हुई थी. आज भी बिस्किट से लेकर अन्य खाद्य उत्पादों के कारोबार में ये नाम टॉप लिस्ट में शामिल है. कंपनी की स्थापना कोलकाता में वाडिया परिवार (Wadia Family) ने एक छोटी सी दुकान से की थी, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा और आज दुनियाभर में इसका बिजनेस है.
गोदरेज (शुरुआतः वर्ष 1897)
गोदरेज (Godrej) कंपनी की शुरुआत भी आजादी से पहले हुई. अब कंपनी मेटल, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत रिएलिटी सेक्टर तक में जाना-पहचाना नाम है. साल 1897 में आर्देशर गोदरेज और उनके भाई पिरोजशा गोदरेज ने इस कंपनी की स्थापना की थी. गोदरेज की तिजोरियों पर अंग्रेजों को भी पूरा भरोसा था. रिपोर्ट्स की मानें, तो 1911 में किंग जॉर्ज पंचम और रानी मेरी ने अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान अपने कीमती सामानों को रखने के लिए गोदरेज की तिजोरियों को ही चुना था.
बिड़लासमूह (शुरुआतः वर्ष 1890)
बिड़लासमूह ने आजादी से पहले कारोबार शुरू किया और आज भी इसका दबदबा कायम है. घनश्याम दासबिड़ला के दादा, शिव नारायण बिड़ला ने साहूकारी करते हुए कपास व्यवसाय शुरू किया था. इसके बाद 1890 में जूट निर्माण कंपनी के रूप में पहला उद्योग स्थापित किया. BirlaCorporation Limited की स्थापना 1910 के दशक के अंत में घनश्याम दासबिड़ला द्वारा की गई थी और माधव प्रसादबिड़ला ने इसे संचालित किया था. आज दुनिया के 36 देशों में कंपनी का कारोबार है और यह बिड़ला समूह करीब 140,000 लोगों को रोजगार दे रहा है.

टीवीएस (शुरुआतः वर्ष 1911)
टीवीएस मोटर (TVS Motors) कंपनी दुपहिया वाहन बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में एक है. घोड़ा गाड़ी और बग्घियों के दौर में इस कंपनी को शुरू किया गया था. इसका मुख्यालय चेन्नई में है और टीवीएस कंपनी की स्थापना साल 1911 में टीवी सुंदरम अयंगर द्वारा की गई थी. देश में जमींदारी प्रथा खत्म हुई और आर्थिक रूप से सक्षम होते हुए वाहनों की बिक्री भी बढ़ने लगी. आज भी टीवीएस मोटर्स का रुतबा कायम है और कंपनी का टर्नओवर अरबों में है.
डाबर (शुरुआतः वर्ष1884 )
आयुर्वेदिक दवाओं के साथ घी, तेल और अन्य प्रोडक्ट्स बेचने वाली Dabur कंपनी को साल 1884 में शुरू किया गया था. इसके संस्थापक एसके बर्मन पेशे से एक डॉक्टर थे. तमाम चुनौतियों के बाद 1990 के बाद से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा. हेल्थ सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनी सिप्ला (Cipla) भी डॉ केए हमीद द्वारा 1935 में स्थापित की गई थी. सिप्ला दवा उद्योग का बड़ा नाम बन चुका है और इस कंपनी का कारोबार 100 देशों में फैला हुआ है.
रेमंड लिमिटेड (शुरुआतः वर्ष 1925)
देश को आजादी मिलने से पहले खोली गई कंपनियों में कपड़ा सेक्टर की रेमंड लिमिटेड (Raymond Limited) का नाम भी है. इसकी स्थापना साल 1925 में महाराष्ट्र के ठाणे में ऊनी मिल के रूप में हुई थी. इसके बाद 1958 में मुंबई में पहला अनन्य रेमंड रिटेल शोरूम (Raymond Retail Showroom) खोला गया था. इसके अलवा आज यह देश में पंप और वॉल्व बनाने वाली अरबों के टर्नओवर वाली कंपनी किर्लोस्कर की शुरुआत साल 1888 में हुई थी. लक्ष्मणराव किर्लोस्कर ने इस कंपनी को ट्रेडिंग कंपनी के रूप में शुरू किया था.