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मोरक्को की पहली महिला PM बनीं फातिमा मंसूरी, जानें कौन हैं और कैसा रहा उनका सियासी सफर

मोरक्को में पहली बार एक महिला को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. राजा मोहम्मद VI ने फातिमा मंसूरी को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है. जानें, कैसा रहा उनका सियासी सफर और अब उनके सामने क्या चुनौतियां होंगी.

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मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं फातिमा मंसूरी. (Photo: ITG)
मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं फातिमा मंसूरी. (Photo: ITG)

मोरक्को की राजनीति में एक बड़ा बदलाव हुआ है. देश के राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जरा एल मंसूरी को नई प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. मोरक्को के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी महिला को सरकार की कमान सौंपी गई है. इसके साथ ही फातिमा अरब दुनिया में प्रधानमंत्री बनने वाली दूसरी महिला बन गई हैं. चलिए जानते हैं, आखिर कौन हैं फातिमा मंसूरी और कैसा रहा है उनका सियासी सफर?

फातिमा के बारे में विस्तार से जानने से पहले एक नजर मोरक्को के चुनाव नतीजों पर डाल लेते हैं. 26 सितंबर को आए संसदीय चुनाव के नतीजों में उनकी पार्टी ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी (PAM) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. पार्टी ने संसद की 395 सीटों में से 97 सीटें जीतीं. हालांकि, सरकार बनाने के लिए 198 सीटों की जरूरत है. ऐसे में फातिमा को प्रधानमंत्री बनने के बाद गठबंधन सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटाना होगा.

फातिमा की पार्टी ने गठबंधन के लिए दूसरे दलों के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है. हालांकि, कुछ पार्टियों ने विपक्ष में बैठने का फैसला किया है. ऐसे में फातिमा के सामने अलग-अलग दलों को साथ लाकर सरकार बनाने की चुनौती होगी. उनकी नियुक्ति के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि वह किन दलों के साथ मिलकर सरकार बनाती हैं.

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अब जानते हैं फातिमा मंसूरी के सियासी सफर के बारे में, जिन्होंने स्थानीय राजनीति से शुरुआत कर मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय किया है.

कौन हैं फातिमा मंसूरी?

50 साल की फातिमा मंसूरी मोरक्को की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं. राजनीति में आने से पहले वह वकील थीं. उन्होंने फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटपेलियर से कानून की पढ़ाई की है. साल 2008 में वह PAM से जुड़ीं. यह पार्टी उसी साल बनी थी और फातिमा इसके शुरुआती नेताओं में शामिल रहीं.

अलजीजरा के मुताबिक, साल 2009 में फातिमा मारकेश शहर की मेयर चुनी गईं. वह इस शहर की पहली महिला मेयर थीं. स्थानीय राजनीति में अपनी पहचान बनाने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय हुईं. साल 2021 के चुनाव के बाद वह दोबारा मारकेश की मेयर बनीं. इसी साल उन्हें राष्ट्रीय सरकार में भी जगह मिली और राष्ट्रीय क्षेत्रीय योजना, शहरी विकास, आवास और शहरी नीति मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई.

मंत्री के तौर पर उनके मंत्रालय ने घर खरीदने के लिए सीधे आर्थिक मदद देने वाली योजना, शहरी विकास में सुधार और अल हौज भूकंप से प्रभावित लोगों को फिर से बसाने जैसे कामों पर ध्यान दिया. साल 2024 में वह अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी अहम भूमिका निभाने लगीं.

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2030 वर्ल्ड कप की तैयारी बड़ी चुनौती

प्रधानमंत्री के तौर पर फातिमा के सामने कई बड़े मुद्दे होंगे. मोरक्को साल 2030 में पुर्तगाल और स्पेन के साथ फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा. इस आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे, परिवहन और दूसरी सुविधाओं से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करना होगा. नई सरकार को इन योजनाओं के लिए निवेश जुटाने और उनकी तैयारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी.

इसके अलावा महंगाई पर काबू पाना, लोगों की आमदनी बढ़ाना और रोजगार के नए मौके तैयार करना भी सरकार के सामने अहम मुद्दे होंगे. चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के कारण फातिमा को गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर इन चुनौतियों से निपटना होगा.

अरब दुनिया में दूसरी महिला प्रधानमंत्री

फातिमा की नियुक्ति मोरक्को के राजनीतिक इतिहास में पहली ऐसी घटना है, जब किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाया गया है. अरब दुनिया में उनसे पहले ट्यूनीशिया की नजला बौडेन अक्टूबर 2021 में प्रधानमंत्री बनी थीं और अगस्त 2023 तक इस पद पर रहीं. अब फातिमा इस क्षेत्र में यह जिम्मेदारी संभालने वाली दूसरी महिला हैं.

फातिमा का सफर स्थानीय राजनीति से शुरू होकर मंत्रालय और अब प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा है. उनकी नियुक्ति के साथ मोरक्को में एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू हुआ है. अब उनकी पहली बड़ी परीक्षा गठबंधन सरकार बनाने और देश के सामने मौजूद आर्थिक व विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करने की होगी.

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