नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के पारसी मिडिल स्कूल में मिड डे मील का खाना खाने से करीब 40 छात्राएं बीमार हो गईं. आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां सभी का इलाज किया जा रहा है. घटना के बाद परिजनों में पैनिक की स्थिति बन गई और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा. हालांकि, अधिकांश बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार बीमार बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे. मंत्री श्रवण कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी बच्चों का इलाज सही ढंग से किया जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, इस मामले में नालंदा जिले के सिविल सर्जन ने कहा कि सभी बच्चों का इलाज अच्छे से चल रहा है और किसी भी बच्चे को कुछ नहीं होने दिया जाएगा. नालंदा के सिविल सर्जन सहित कई चिकित्सक अस्पताल में मौजूद हैं और बच्चों का इलाज किया जा रहा है.
दूसरे स्कूल से आया था खाना
स्कूल के शिक्षक ने बताया कि मिड डे मील का भोजन दूसरे स्कूल से आया था, जिसमें सोयाबीन की सब्जी में नमक कम था. जब बच्चियों ने नमक की मांग की तो शिक्षक ने गलती से नमक की जगह सर्फ परोस दिया. सब्जी खाने के बाद दर्जनों बच्चियों को पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मॉडल अस्पताल लाया गया.सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं. मॉडल अस्पताल में बच्चों के अभिभावकों और अधिकारियों की भीड़ बनी हुई है.