बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में नाव पलटने की घटना में 14 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में मौत को मात देकर लौटे मासूमों ने हादसे की खौफनाक दास्तां सुनाई है. बच्चों के मुताबिक, नाव में करीब 20 से 25 सवार थे. उन्होंने बताया कि नाव में छेद होने के कारण पानी भरने लगा और देखते ही देखते नाव पलट गई. गनीमत रही कि चार बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया.
हादसे में बचाए गए एक बच्चे ने बताया, 'नाव में कुल 25 लोग सवार थे. मेरे दादाजी ने मुझे बचाया.' वहीं हादसे में बचाए गए एक अन्य बच्चे ने बताया कि नाव में एक छेद था जिससे पानी अंदर आ रहा था. बच्चे ने बताया कि जब नाव डूबने लगी तो पानी तेजी से उसमें भरने लगा और अंत में नाव पलट गई. उसने बताया, 'मैंने एक आदमी के पैर जोर से पकड़ लिए. उसने मुझे अपने कंधे पर उठा लिया. फिर एक दूसरे आदमी ने पेड़ की मोटी टहनी मेरी और बढ़ाई. वह आदमी मुझे तैरता हुआ किनारे पहुंचा और मेरी जान बचाई.'
'मेरे दादाजी ने मुझे बचाया'
नाव में सवार एक अन्य बच्चे अभिराज ने बताया कि नाव में छेद होने के कारण वह अचानक पलटने लगी. उसने बताया कि उसने नाव के पूरी तरह पलटने से पहले ही पानी में छलांग लगा दी थी. इसके बाद उसके दादाजी ने उसे बचा लिया.
मौत को करीब से देखकर लौटे इन मासूमों की आपबीती हादसे की भयावहता बयां करती हैं. किसी को दादाजी ने बचाया, तो किसी की जान अजनबी लोगों ने बचाई. लेकिन इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई.
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सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा कराने तथा घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. PMO ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.