इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की सेल दिन-ब-दिन बढ़ रही है. लगभग हर टू-व्हीलर कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स को इस सेगमेंट में उतारा है. कुछ कंपनियों की एंट्री देर से भी हुई है. ऐसा ही एक ब्रांड सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया है. कंपनी ने अपने पॉपुलर स्कूटर एक्सेस के इलेक्ट्रिक अवतार को मार्केट में उतार दिया है.
हम बात कर रहे हैं सुजुकी ई-एक्सेस (Suzuki E-Access) की, जिसकी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में एंट्री हुई है. इस स्कूटर के साथ एक चुनौती एक्सेस नाम की है. एक्सेस 125 सुजुकी के पोर्टफोलियो का सबसे सफल प्रोडक्ट है. अब सवाल है कि क्या ई-एक्सेस इस लेगेसी को जारी रख पाएगा.
पिछले कुछ दिनों मैंने इस स्कूटर को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया. यानी जहां भी जाना हो, वहां इस स्कूटर का इस्तेमाल किया. आइए जानते हैं इस दौरान सुजुकी ई-एक्सेस कितना सफल रहा है और इसके साथ सड़क पर मेरा एक्सपीरियंस कैसा रहा.
इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में डिजाइन के मामले में कई तरह के एक्सपेरिमेंट्स देखने को मिलते हैं. किसी का लुक बॉक्सी है, तो किसी में हेडलाइट की जगह बदल गई है. यानी इनका डिजाइन पेट्रोल स्कूटर्स के मुकाबले काफी अलग होता है. हालांकि, सुजुकी ई-एक्सेस ऐसा नहीं लगता है. कंपनी ने इसे चंकी नहीं बल्कि एक ठहराव भरा डिजाइन दिया है.
स्कूटर बहुत ही सिंपल डिजाइन लैंग्वेज को फॉलो करता है. बटन्स की पोजिशन से लेकर हेडलाइट के डिजाइन तक सब कुछ सिंपल है, जो इसके इलेक्ट्रिक स्कूटर होने का एहसास तक नहीं करते हैं. अगर किसी को बताया ना जाए कि ये इलेक्ट्रिक स्कूटर है, तो शायद इसके डिजाइन से किसी को अंदाजा भी ना लगे. इसकी हेडलाइट का थ्रो भी अच्छा है.

इसकी बिल्ड क्वालिटी बेहतरीन है और ये स्कूटर काफी प्रीमियम फील होता है. अगर आप एक रेट्रो इंस्पायर्ड लुक पसंद करते हैं तो सुजुकी ई-एक्सेस का डिजाइन आपको प्रभावी लगेगा. इसकी सीट काफी वाइड हैं, जो लंबी दूरी में भी कंफर्टेबल बनी रही हैं. स्कूटर के ज्यादातर कंट्रोल वहीं मिलते हैं, जहां एक पेट्रोल के होते हैं.
स्कूटर कीलेस स्टार्ट-स्टॉप फीचर के साथ आता है. इसके साथ आपको एक स्मार्ट-की मिलती है, जिसकी मदद से ई-एक्सेस की पावर ऑन या ऑफ की जा सकती है. इसके अलावा चाबी में पार्किंग लाइट्स का एक बटन मिलता है, जिसकी मदद से भीड़ में स्कूटर को खोजना आसान हो जाता है.
इसकी सीट चौड़ी और अच्छी कुशनिंग वाली है. हालांकि, फ्लोरबोर्ड पर स्पेस कम है, जो दूसरे स्कूटर्स में ज्यादा मिलता है. अंडर सीट आपको स्पेस कम मिलेगा. इसमें आप मुश्किल के एक हेलमेट रख सकते हैं. मैंने ज्यादातर वक्त इस स्पेस का इस्तेमाल चार्जर रखने के लिए किया, जिसके बाद कोई जगह नहीं बची.

ये स्कूटर अच्छी परफॉर्मेंस ऑफर करता है. ऐसा नहीं है कि आपने थ्रॉटल दिया और स्कूटर आपके कंट्रोल से बाहर हो गया है. ई-एक्सेस को एक बैलेंस्ड वे में कॉन्फिगर किया गया है, जिसकी वजह से इसकी स्पीड सही रेशियो में बढ़ती है. खासकर अगर स्कूटर ईको मोड में है, तब स्पीड अचानक नहीं बढ़ती है.
शहरों की छोटी राइड्स के लिए ये इलेक्ट्रिक स्कूटर काफी कन्फर्टेबल और वेल कॉन्फिगर महसूस होता है. भीड़भाड़ वाले रास्तों पर 60Kmph की स्पीड तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती है और स्कूटर का इको मोड उसे ही टार्गेट करता है. यानी आपका स्कूटर शुरुआत में तेज चलेगा, लेकिन 45 से 60Kmph तक पहुंचने में समय भी लेगा.
सुजुकी ई-एक्सेस तीन मोड्स के साथ आता है, जिसमें इको सबसे सेफ मोड है. अगर आप ज्यादा रेंज चाहते हैं, तो इस मोड में ही स्कूटर चलाएं. वहीं मोड-ए में स्कूटर परफॉर्मेंस पर फोकस करता है और 80Kmph तक की स्पीड तक पहुंच जाता है. जबकि इको मोड में स्पीड 60Kmph तक ही पहुंच पाती है. इन दोनों के अलावा स्कूटर मोड-बी भी मिलता है, जो एक बैलेंस्ड मोड है.

इसमें स्कूटर 75kmph की स्पीड तक जाता है और बैटरी भी कम खर्च होती है. कुल मिलाकर बेस्ट बैटरी के लिए इको, हाई स्पीड परफॉर्मेंस के लिए मोड-ए और बैलेंस्ड एक्सपीरियंस के लिए मोड-बी बना है. इनमें स्विच करना बहुत ही आसान है. स्कूटर चलाते हुए सिर्फ एक क्लिक करके इन मोड्स में स्विच किया जा सकता है.
बात करें हैंडलिंग और सस्पेंशन की, तो ई-एक्सेस काफी ज्यादा स्टेबल है. खराब रास्तों पर रफ्तार भरनी हो या फिर किसी को साथ बिठाकर कर्वी रोड में टर्न लेना हो, ये स्कूटर सड़क से चिपक कर चलता है. इससे राइडिंग के वक्त कॉन्फिडेंस बना रहता है. हाई स्पीड पर भी हैंडल स्टेबल रहता है और इसमें वाइब्रेशन ना के बराबर महसूस होती है.
इसमें अच्छी क्वालिटी के सस्पेंशन मिलते हैं, जो रोड पर झटकों का कम से कम एहसास कराते हैं. कुल मिलाकर सुजुकी का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर बेस्ट राइडिंग और कंट्रोल एक्सपीरियंस ऑफर करता है. इसमें जबरदस्त ब्रेकिंग मिलती है. लगभग 200 किलोमीटर तक इसे यूज करने पर भी मुझे कहीं भी ये स्कूटर कंट्रोल से बाहर जाता हुआ नहीं लगा.
सुजुकी ई-एक्सेस 3.072kWh की लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी के साथ आता है. कंपनी इसमें 95 किलोमीटर की रेंज क्लेम करती है. सुजुकी का दावा है कि इस बैटरी को लंबे समय तक चलने के लिए डिजाइन किया गया है. स्कूटर को फुल चार्ज करने में लगभग तीन यूनिट बिजली खर्च होती है.

अगर 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से इसे फुल चार्ज करने में 30 रुपये खर्च होते हैं. फुल चार्ज होने पर ये स्कूटर 75Km से ज्यादा की रेंज ऑफर करता है. हालांकि, इस रेंज के लिए आपको राइडिंग स्टाइल का विशेष ध्यान रखना होगा.
रफ राइडिंग की जाए, तो रेंज तेजी के कम होती है. 75 किलोमीटर की रेंज के लिए स्कूटर को ज्यादातर वक्त ईको और मोड-बी में इस्तेमाल करना होता है. अच्छी बात ये है कि स्कूटर की परफॉर्मेंस बैटरी कम होने पर भी पहले जैसी ही रहती है. 10 परसेंट बैटरी बची होने पर स्कूटर की स्पीड कम हो जाती है और आप इसे 55 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड पर नहीं चला पाएंगे.
ये स्कूटर 4.2 इंच के टीएफटी कंसोल के साथ आता है. ये छोटा लेकिन बहुत ही सिंपल लेआउट वाला डिस्प्ले बेहतरीन तरीके से काम करता है. इसे यूज करने के लिए दो बटन्स दी गई है, जिनसे आप इसके तमाम फीचर्स को एक्सेस कर सकते हैं. ज्यादा फीचर्स के लिए स्कूटर को सुजुकी राइड कनेक्ट ऐप से कनेक्ट करना होता है.
इसके बाद स्क्रीन पर नेविगेशन, टेम्परेचर, कॉल अलर्ट और मैसेज अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. ये डिस्प्ले अच्छी बाइटनेस के साथ आता है और इसमें दो मोड्स- डार्क और लाइट मिलते हैं. स्क्रीन ऑटोमेटिक ही इन दोनों मोड्स में एंबिएंट लाइटिंग के आधार पर स्विच कर लेती है. कनेक्टिविटी के मामले में भी ये स्कूटर अच्छी तरह के काम करता है. स्कूटर ऑन होते ही आपके फोन से कनेक्ट हो जाएगा.

मेरे शुरुआती इस्तेमाल में सुजुकी ई-एक्सेस एक बेहतरीन इलेक्ट्रिक स्कूटर लगा है. सिंगल चार्ज में इसे 75 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक चलाया जा सकता है. घर पर इसे चार्ज करने में 6 घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है. इसे 6 एम्पीयर के सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है. से फुल चार्ज करने में लगभग 3 यूनिट बिजली खर्च होती है. अगर 10 रुपये प्रति यूनिट चार्ज से हिबास से कैलकुलेट करें, तो 30 रुपये में ये फुल चार्ज हो जाएगा.
चाबी के बिना ये स्कूटर स्टार्ट नहीं होगा. हां, अगर इसे लॉक नहीं किया गया है, तो ये चाबी पास नहीं होने पर भी 200 मीटर तक चला जाता है. हालांकि, उसके बाद आपको चाबी की रेंज में इसे लाना होगा. इन सब के साथ सबसे बड़ा सवाल है कि क्या ये स्कूटर रोजमर्रा के सफर का हिस्सा बन सकता है.

अगर आप एक निश्चित दूरी का सफर हर दिन तय करते हैं, तो इस स्कूटर को इस्तेमाल कर सकते हैं. मेरे ऑफिस और घर के बीच दूरी लगभग 17 किलोमीटर है. यानी एक दिन में मुझे 34 से 35 किलोमीटर का सफर करता है. ऐसे में सिंगल चार्ज में मैंने दो दिन तक इस स्कूटर को यूज किया, लेकिन इसके साथ एक चुनौती ये थी कि इस बीच मैं स्कूटर को कहीं और नहीं ले जा सकता है.
75 किलोमीटर की रेंज दो दिन के आने जाने के लिए ठीक है, लेकिन इसमें बैटरी आखिर में 10 परसेंट से भी कम पर रह जाती है. 25 परसेंट से कम पावर होने पर बैटरी का साइन स्क्रीन पर ब्लिंक करने लगता है, जो ध्यान खींचता है और रेंज एंजायटी को बढ़ाता है. अगर मैं इसे हर दिन चार्ज करता हूं, तो जरूर बिना किसी चिंता के निकल सकता हूं. मगर किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर वाली चुनौतियां इस स्कूटर के साथ भी बनी रहती है.
सुजुकी ई-एक्सेस की कीमत 1.88 लाख रुपये एक्स शोरूम है. इस कीमत पर ये स्कूटर काफी महंगा है. अगर आप एक प्रीमियम और सुजुकी का ही स्कूटर चाहते हैं, तब तो ये आपके लिए है. वरना मार्केट में आपको टीवी, बजाज और दूसरी कंपनियों के विकल्प कम कीमत पर मिल जाएंगे.