E20 पेट्रोल को लेकर इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसमें मौजूद 20 प्रतिशत इथेनॉल आपकी गाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है. इस मुद्दे पर सरकार लगातार अपना रूख साफ करती रही है. बीते दिनों बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने एक वीडियो जारी कर E20 को लेकर छिड़ी बहस को गलत बताया था. अब उन्होंने एक और वीडियो जारी कर दावा किया है कि, इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल का असर गाड़ी के इंजन पर पड़ता है या नहीं.
तेलंगाना राज्य के रंगारेड्डी ज़िले के चेवेल्ला (Chevella) से लोकसभा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने अपने पिछले वीडियो में इथेनॉल और पेट्रोल को एक कटोरी में रखकर जलाया था. रेड्डी ने उस वीडियो में यह दिखाने की कोशिश की थी कि, इथेनॉल कितना क्लीन फ्यूल है और यह रेगुलर पेट्रोल की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है. लेकिन इस बार रेड्डी ने मैकेनिक्स से की गई बातचीत और रिसर्च पेपर्स के हवाले से यह बताने की कोशिश की है कि, E20 पेट्रोल फायदेमंद है कि नहीं.
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रेड्डी ने वीडियो में बताया कि, उन्होंने E20 पेट्रोल के असर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों के तकरीबन 30 से 40 मोटर मैकेनिक्स से बात की. इन मैकेनिक्स का कहना है कि, E20 फ्यूल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं है. इसके अलावा वो एक एनिमेशन वीडियो भी दिखाते हैं, जिसमें इंजन के इंटर्नल कम्बंशन प्रोसेस को दिखाया गया है. इथेनॉल के फायदे गिनाते हुए सांसद रेड्डी कुछ रिसर्च पेपर्स का भी हवाला देते हैं. जिसमें US के नेशनल रिन्यूएबल एनर्जी लैबोरेटरी (NREL), ओक रिज नेशनल लैबोरेटरी, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और SAE इंटरनेशनल शामिल हैं.
कुल मिलाकर रेड्डी का कहना है कि, E20 पेट्रोल नई या पुरानी किसी भी वाहन के इंजन डैमेज होने की कोई संभावना नहीं है. वहीं दूसरी ओर सरकार संसद में इस बात को मान चुकी है कि, E20 पेट्रोल के चलते पुराने वाहनों के कुछ रबर कंपोनेंट्स खराब हो सकते हैं. इसके अलावा वाहन के माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट भी आ सकती है.
E10 पेट्रोल की वापसी?
E20 पेट्रोल को लेकर छिड़ी इस बहस के बीच एक नया रास्ता खुलता दिख रहा है. सरकार और ऑयल इंडस्ट्री के बीच अब E10 पेट्रोल (90 प्रतिशत पेट्रोल और 10 प्रतिशत इथेनॉल) को लेकर मंथन चल रहा है. सरकार और इंडस्ट्री बॉडी के बीच हो रही इन चर्चाओं में खास तौर पर पुराने वाहनों को ध्यान में रखा जा रहा है. बातचीत में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों पहलुओं को शामिल किया गया है. हालांकि, अभी तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना बाकी है और बातचीत जारी है. उम्मीद की जा रही है कि, आने वाले समय में E10 का विकल्प मिल सकता है.