
संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते जलस्तर का असर अब केवल संगम क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर की पहचान बन चुके नागवासुकी रोड, मरीन ड्राइव, रिवर फ्रंट तक भी पहुंच गया है.
गंगा का पानी अब सड़क पर आने लगा है और जलस्तर बढ़ने के साथ सड़क के पूरी तरह जलमग्न होने की आशंका है. लगातार बढ़ रहे गंगा और यमुना के जलस्तर ने प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है.

नागवासुकी रोड पर कुंभ 2019 के दौरान बनाई गई नागवासुकी रोड यानि मरीन ड्राइव पर अब गंगा का पानी पहुंच चुका है. सुबह और शाम के समय जहां रोज बड़ी संख्या में लोग घूमने और गंगा किनारे समय बिताने आते है , वहां अब सड़क पर पानी भरने लगा है. अगर दोनों नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में पूरी मरीन ड्राइव जलमग्न हो सकती है.
वहीं दूसरी ओर पूरा संगम क्षेत्र भी बाढ़ के पानी से घिर चुका है. जिन सड़कों पर कभी वाहनों की आवाजाही होती थी, वहां अब नावें चल रही हैं. श्रद्धालु सड़क पर भरे पानी में ही स्नान करने को मजबूर हैं. बाढ़ के कारण संगम स्थल का स्वरूप भी बदल गया है.
जहां पहले संगम दो से ढाई किलोमीटर भीतर होता था, वहीं अब आरती स्थल के पास ही श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. दारागंज इलाके में दशासुमेध घाट के गुंबद पानी में समा गए हैं.
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. जिलाधिकारी मनीष वर्मा लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं. संवेदनशील इलाकों में बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और प्रशासन की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. हालांकि अभी दोनों नदिया खतरे के निशान के नीचे बह रही है.