US के B-2 बॉम्बर की एंट्री, झुकने को तैयार नहीं ईरान... मिडिल ईस्ट में जंग के दूसरे दिन क्या-क्या हुआ

मिडिल ईस्ट में जंग के दूसरे दिन हालात और भड़क गए हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल ने सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, जबकि ईरान ने बदले की कसम खाते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों और तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है. रविवार को इजरायल के बेत शेमेश, यूएई, कुवैत और ईरान के कई प्रांतों में मिसाइल हमलों से सैकड़ों लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में घायल होने की खबर आई.

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अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए रविवार को B-2 बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल किया. (File Photo: ITG) अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए रविवार को B-2 बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल किया. (File Photo: ITG)

आजतक ब्यूरो

  • तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

मिडिल ईस्ट में जंग के दूसरे दिन टकराव और बढ़ गया. सुप्रीम लीडर की मौत के साथ ही ईरान में अमेरिका की तख्तापलट की कोशिश को बल मिल गया है. दूसरी तरफ खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तैवर से बता दिया है कि वो रुकने वाला नहीं है. ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया है. ईरान के भीतर इस झंडे को बदले और न्याय के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में हड़कंप मच गया है. ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की छुट्टियों की घोषणा की गई है. 

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ट्रंप और नेतन्याहू क्या बोले?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत पर कहा है कि ये ईरान और दुनिया के लोगों के लिए न्याय है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसी भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते जारी रहेगी, जब तक मिडिल ईस्ट में शांति का लक्ष्य हासिल न हो जाए. इजरायली पीएम नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि आगे ईरान पर और तगड़े हमले होंगे. उन्होंने ईरान के लोगों से सड़कों पर उतरने और मौजूदा शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की है. नेतन्याहू ने कहा कि 'ऐसे मौके सदी में एक बार आते हैं.' 

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झुकने को तैयार नहीं ईरान

वहीं ईरान झुकने को तैयार नहीं है. ईरानी सेना ने सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत का ऐलान किया है. सेना ने धमकी दी है कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया जाएगा. आबू धाबी में ईरान ने फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल दागी है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे तीसरे तेल टैंकर पर हमला किया है. इस हमले ने पूरे मिडिल ईस्ट को आग में झोंक दिया है. 

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कहां कितने लोगों की मौत?

इजरायल के बेत शेमेश शहर में ईरानी मिसाइल हमले में 7 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान के 24 प्रांतों में 201 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. कुवैत में 1 शख्स मारा गया और 32 जख्मी हैं. यूएई में 2 लोगों की मौत हुई है. दुबई, दोहा और मनामा में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल है. पिछले दो दिनों में यूएई में ईरान की ओर से हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई है और 58 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की. घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है. 

यूएई में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उसे भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी है और वह अस्पताल प्रशासन के संपर्क में है. दूतावास ने बताया, 'भारतीय नागरिक अब खतरे से बाहर है. हम हर संभव मदद दे रहे हैं.' अधिकारियों की ओर से जारी सूची के मुताबिक घायलों में पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी प्रवासी नागरिक भी शामिल हैं. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है.

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ईरान में कहीं प्रदर्शन तो कहीं जश्न

खामेनेई की मौत ने ईरान को दो फाड़ कर दिया है. जहां एक तरफ तेहरान में लोग काले कपड़े पहनकर मातम मना रहे हैं और रो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ इल्म प्रांत के देहलौरन शहर में लोग जश्न मना रहे हैं और खामेनेई का पुतला गिरा रहे हैं. कारज और इजेह शहरों में भी लोग सड़कों पर नाचकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं.

लड़ाई में अमेरिका ने उतारे बी-2 बम वर्षक विमान

इस बीच ट्रंप ने एक और नया बयान दिया कि ईरान पर हमले में हमने 48 नेताओं को मार दिया है. तेहरान पर इजरायल ने एक बार फिर हमला किया. इजरायल ने सेंट्रल तेहरान को निशाना बनाया. रविवार को अमेरिका ने ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों पर बड़ा हमला किया. चार बी-2 बम वर्षक विमानों ने 2000 पाउंड वजन के कई बंकर-बर्स्टर्स बम गिराए गए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि सैन्य अभियान अभी जारी है. 

इजरायल की एयरफोर्स का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर एक दिन में ईरान पर 1200 से ज्यादा बम गिराए. इन्हीं हमलों में खामेनेई, उनकी बेटी-दामाद, बहू-पोती और करीब 40 कमांडर मारे गए. बताया जा रहा है कि हमले के वक्त खामेनेई अपने ऑफिस कॉम्प्लेक्स में कमांडरों के साथ मीटिंग कर रहे थे और उसी जगह पर 30 बम गिराए गए. अमेरिका-इजरायल ने ईरान के 24 प्रांतों में सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिका-इजराइल का कहना है कि जब तक परमाणु खतरा खत्म नहीं होगा, कार्रवाई जारी रहेगी.

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वहीं ईरान ने अमेरिका और इजरायल को धमकी दी है कि आत्मरक्षा में अब ईरान के लिए कोई सीमा नहीं है. ईरान ने कहा है कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला जारी रखेगा.

12 देशों में फैली जंग

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में पहली बार अपने सबसे नए और कम लागत वाले ड्रोन LUCAS यानी लो कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम का इस्तेमाल किया है. लूकस ड्रोन ने ईरान के डिफेंस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. ये पहली बार है जब अमेरिका ने अपनी महंगी मिसाइलों के साथ इन सस्ते लेकिन बेहद सटीक ऑटोनॉमस ड्रोन्स को जंग के मैदान में उतारा है. 

मिडिल ईस्ट की राजनीति अब वैश्विक रूप ले चुकी है. जो लड़ाई अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच थी अब उसकी आग में मिडिल ईस्ट के कई देश झुलस रहे हैं. लेकिन अगर प्रत्यक्ष रूप से देखा जाए तो 12 देश इस वक्त जंग का हिस्सा हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान तो सीधे तौर पर जंग में हैं ही. इसके अलावा इराक, जॉडर्न, बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, यूएई, यमन, लेबनान पर जंग का पूरा असर है. ये सभी देश युद्ध क्षेत्र बने हुए हैं.

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भारत और पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन

खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, कराची और लाहौर शहर में हालात बेकाबू हो गए हैं. कराची में तो सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी अमेरिकी कांसुलेट के बाहर जमा हो गए. शुरुआत में जुलूस शांतिपूर्ण था, लेकिन दोपहर के बाद स्थिति हिंसक हो गई. इस दौरान 12 लोगों के मारे जाने की खबर है. वहीं, लाहौर में भी भारी संख्या में लोग अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. यही हाल इराक का भी है. बगदाद में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर आ गए. हर कोई ईरान में हो रहे हमले का विरोध कर रहा था. खामेनेई की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

भारत में भी कई जगहों पर शोक और विरोध का माहौल देखने को मिला. इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में खामेनेई के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लाल चौक पर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. दिल्ली और मुंबई में भी शिया मुस्लमान विरोध जता रहे हैं. लखनऊ में भी शिया मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. लखनऊ में मौलाना कल्बे जव्वाद ने लोगों से अपील की है कि दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखें. लोग सड़कों पर उतरकर मातम मनाते नजर आए. संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने ईरान पर हमले को लेकर कहा है कि ये बर्दाश्त के बाहर है. वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में भी बड़ा प्रदर्शन हो रहा है. दरअसल, ये सारे प्रदर्शन वो शिया मुसलमान कर रहे हैं, जो खामेनेई को सबसे बड़े धार्मिक गुरु के रूप में देखते हैं. 

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अलीरेजा अराफी बने नए अंतरिम सुप्रीम लीडर 

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में दावा किया है कि उन्होंने खाड़ी तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अमेरिकी और ब्रिटिश तेल टैंकरों को मिसाइलों से निशाना बनाया है. रविवार को अलीरेजा अराफी को खामेनेई की मृत्यु के बाद अंतरिम रूप से सुप्रीम लीडर बनाया गया है. अराफी अंतरिम नेतृत्व परिषद में विधि विशेषज्ञ की तरह काम करेंगे. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खामेनेई की हत्या को सबसे बड़ा अपराध कहा है. साथ ही इसका बड़ा बदला लेने का ऐलान भी किया है. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने खामेनेई की मौत को इस्लामिक शासन का अंत करार दिया है. रजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की है.

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