अंकुर वारिकू के करियर की शुरुआत आसान नहीं थी. उनकी पहली सैलरी केवल 15,000 रुपये की थी. हालांकि, उस समय भी उनके पास फिजिक्स की डिग्री थी और उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी और वह ऐसी जगह काम कर रहे थे, जहां उनके आसपास के ज्यादातर लोग एमबीए कर चुके थे. उनके पहली नौकरी की बात करें, तो बिक्री से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए ट्रेनिंग मटेरियल तैयार करने की थी. हालांकि, इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि किस तरह उनकी पहली नौकरी ने आगे चलकर उनके करियर की दिशा बदलने में बड़ा रोल निभाया. लेकिन आपकी पहली नौकरी ये तय नहीं करती है कि आपका पूरा करियर कैसा होगा?
पोस्ट कर युवाओं को दी सलाह
अब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी इस जर्नी के बारे में बताया है. उन्होंने पोस्ट में लिखा मुझे वहां बेमेल सा महसूस हुआ. उन्होंने ये भी बताया कि उस समय उस नौकरी तो लेने के पीछे कोई प्लानिंग नहीं थी. उस समय केवल पैसों की जरूरत थी.
कैसे बदला करियर का रास्ता?
पोस्ट में उन्होंने बताया कि वारिकू के करियर में बड़ा बदलाव उनके बॉस की वजह से आया. उन्होंने बताया कि उनके बॉस ने उन्हें बताया था कि उनके पति इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में काम करते हैं. उस समय ISB को शुरू हुए केवल पांच साल ही हुए थे. इसके बाद वारिकू ने बिजनेस स्कूल में एडमिशन के लिए आवेदन किया और उनका चयन हो गया. पढ़ाई की फीस भरने के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा लोन लिया.
वारिकू ने पोस्ट में लिखा कि उस साल ने मेरी जिंदगी बदल दी. हालांकि, उस समय उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि यह फैसला आगे चलकर उनके करियर को इतनी बड़ी दिशा देगा.
अगली नौकरी आपके पूरे करियर का फैसला नहीं करती
वारिकू ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि लोगों को हर नौकरी को अपने पूरे भविष्य से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है. जरूरी नहीं है कि आपने जो पहले किया है वह आगे चलकर भी आपके काम आए. उन्होंने लिखा कि हम अक्सर अपनी अगली नौकरी से यह उम्मीद करने लगते हैं कि वही हमारे पूरे जीवन और करियर की दिशा तय करेगी. लोग सोचने लगते हैं कि क्या यह नौकरी उनका जुनून बनेगी, करियर बदल देगी या ऐसा फैसला होगा जिस पर उन्हें हमेशा गर्व रहेगा.
लेकिन वारिकू के मुताबिक, हर नौकरी का इतना बड़ा मतलब होना जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी नौकरी से आपको सिर्फ पैसे, कुछ नया सीखने और ऐसे लोगों के साथ काम करने का मौका मिल जाए, जिनसे आप कुछ सीख सकें, तो यह भी काफी है. नौकरी तलाशने वालों के लिए उन्होंने कहा कि कुछ चीजें जरूरी हैं. पैसा जरूरी है, अनुभव जरूरी है, आगे बढ़ने का मौका जरूरी है, काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन जरूरी है और अच्छा नेटवर्क बनाना भी जरूरी है.