'पढ़ाई करो, बोर्ड एग्जाम जरूरी...', 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को दिग्गज की नसीहत, डेब्यू पर भी उठाए सवाल

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के भारत के लिए डेब्यू की मांग के बीच साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने अलग राय रखी है. उनका कहना है कि वैभव को फिलहाल बोर्ड परीक्षा, सामान्य बचपन और गली क्रिकेट का आनंद लेना चाहिए. उन्होंने चेताया कि IPL और सोशल मीडिया का दबाव किसी भी युवा प्रतिभा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

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15 साल के वैभव पर इंग्लैंड का स्पेशल प्लान, जोस बटलर ने गेंदबाजों को पहले ही कर दिया अलर्ट (Photo: Getty) 15 साल के वैभव पर इंग्लैंड का स्पेशल प्लान, जोस बटलर ने गेंदबाजों को पहले ही कर दिया अलर्ट (Photo: Getty)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर क्रिकेट जगत दो हिस्सों में बंटा हुआ है. एक तरफ कई पूर्व क्रिकेटर उन्हें जल्द से जल्द टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में देखने की वकालत कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने इस जल्दबाजी के खिलाफ खुलकर अपनी राय रखी है.

cricinfo के लिए लिखे अपने भावुक कॉलम में कलिनन ने कहा कि वैभव की असाधारण प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, लेकिन इतनी कम उम्र में उन पर पड़ने वाला दबाव भविष्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

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कलिनन ने लिखा कि उनकी यह बात आलोचना नहीं, बल्कि चिंता से प्रेरित है. उन्होंने ल‍िखा- मेरे हिसाब से वैभव को इस समय घर पर रहकर अपनी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए, दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना चाहिए और जितना संभव हो, उतना सामान्य बचपन जीना चाहिए. इसका मतलब यह नहीं कि उसकी प्रतिभा को नजरअंदाज किया जाए, बल्कि उसकी प्रतिभा तभी पूरी तरह निखरेगी, जब उसके व्यक्तित्व को भी विकसित होने का समय मिलेगा. गौरतलब है कि वैभव ने IPL 2026 में खेलने के लिए इस साल अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा छोड़ दी थी.

IPL और सोशल मीडिया के प्रेशर पर जताई चिंता
कलिनन ने कहा कि वैभव सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले क्रिकेट माहौल का हिस्सा बन चुके हैं.

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उनके मुताबिक, आज के सोशल मीडिया दौर में हर पारी, हर शॉट, हर प्रेस कॉन्फ्रेंस और हर गलती कुछ ही मिनटों में करोड़ों लोगों के सामने पहुंच जाती है. पहले खिलाड़ी मैदान छोड़ने के बाद कुछ सुकून पा लेते थे, लेकिन अब डिजिटल दुनिया में आलोचना और चर्चा कभी खत्म नहीं होती.

उन्होंने लिखा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ने एक बच्चे और करोड़ों लोगों की राय के बीच की दूरी पूरी तरह खत्म कर दी है.

सचिन तेंदुलकर से सीख लेने की सलाह
कलिनन का मानना है कि वैभव के लिए सबसे बेहतर मार्गदर्शक सचिन तेंदुलकर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कम उम्र में करोड़ों उम्मीदों का बोझ क्या होता है, यह सचिन से बेहतर शायद ही कोई समझ सकता है. उन्होंने लिखा-मुझे उम्मीद है कि वैभव सचिन तेंदुलकर से मार्गदर्शन लेंगे. उनसे बेहतर मेंटर उन्हें मिल ही नहीं सकता, क्योंकि सचिन खुद इस दौर से गुजर चुके हैं."

वैभव पर पहले भी बंट चुकी है राय
वैभव सूर्यवंशी को हाल ही में भारत की टी20 टीम में जगह मिली थी, लेकिन आयरलैंड दौरे पर उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला. टीम मैनेजमेंट का कहना था कि मौजूदा कॉम्ब‍िनेशन से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और यंग बैटर को इंटरनेशनल माहौल में ढलने का समय दिया जाएगा.

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इस फैसले पर भी क्रिकेट जगत बंटा हुआ है. रविचंद्रन अश्विन जैसे पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए और टीम कल्चर को समझना चाहिए. वहीं सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज का मानना है कि इतनी बड़ी प्रतिभा को जल्द मौका दिया जाना चाहिए.

हालांकि, डेरिल कलिनन की राय इससे अलग है. उनका मानना है कि अगर वैभव का करियर लंबा और सफल बनाना है, तो जल्दबाजी के बजाय धैर्य दिखाना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने लिखा कि हर क्रिकेट फैन्स की यही उम्मीद होनी चाहिए कि वैभव 40 साल की उम्र तक खेलें, न कि 25 साल की उम्र में ही थककर क्रिकेट छोड़ने पर मजबूर हो जाएं.


 

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