यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस को लेकर बड़ा दावा किया है. जेलेंस्की के मुताबिक, हाल के कुछ हफ्तों में रूसी ड्रोन ने उनके विमान को दो बार निशाना बनाया. दोनों घटनाएं उस वक्त हुईं, जब उनका विमान मोल्दोवा के एयरस्पेस से गुजर रहा था. जेलेंस्की ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि दोनों घटनाएं कुछ ही दिनों के अंतराल में हुईं और इनमें उनके विमान को खतरा पैदा हुआ.
पहली घटना 9 सितंबर को सामने आई थी. नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने बताया था कि जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा के एयरस्पेस से गुजर रहा था, तभी एक ड्रोन विमान के बेहद करीब पहुंच गया था. उन्होंने कहा था कि विमान लगभग ड्रोन से टकराने ही वाला था. उस वक्त जेलेंस्की नॉर्वे की यात्रा पर जा रहे थे. हालांकि, उस समय यह साफ नहीं था कि ड्रोन की मौजूदगी जानबूझकर जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए थी या नहीं.
यह भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों में नहीं करेंगे हमला, ट्रंप का दावा, जेलेंस्की बोले- हमें भरोसा नहीं
लौटते वक्त भी विमान के पास आया ड्रोन
जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन लौटते वक्त भी उनके विमान के साथ ऐसी ही घटना हुई. उनके मुताबिक, वह मोल्दोवा की राजधानी चिसिनाउ के रास्ते से गुजर रहे थे, तभी एक या दो ड्रोन मोल्दोवा के एयरस्पेस में दाखिल हुए. यूक्रेनी अधिकारियों ने उस वक्त कहा था कि राष्ट्रपति के साथ मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं. हालांकि, इन दोनों घटनाओं के पीछे किसकी मंशा थी, यह अब तक साफ नहीं है.
जेलेंस्की ने कहा कि रूस सिर्फ यूक्रेनी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि यूक्रेन आने वाले विदेशी नेताओं और अधिकारियों को डराने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है. उनका यह दावा ऐसे वक्त आया है, जब विदेशी डेलिगेशन को लेकर भी ड्रोन हमले की घटना सामने आई है.
यूरोप और सीआईए से जुड़े लोग भी थे विमान में
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को विदेशी डेलिगेशन को ले जा रही एक यात्री ट्रेन पर भी रूसी ड्रोन ने हमला किया था. इसके बाद यात्रियों को पोलैंड की सीमा के पास ट्रेन से बाहर निकलना पड़ा. इस डेलिगेशन में यूरोपीय अधिकारी और सीआईए के पूर्व निदेशक डेविड पेट्रेयस भी शामिल थे.
यह भी पढ़ें: यूक्रेन की राजधानी कीव और ओडेसा पर रूस का भीषण हमला, देखें दुनिया आजतक
जेलेंस्की के दावों से सवाल उठ रहा है कि क्या रूस यूक्रेन आने-जाने वाले विदेशी नेताओं को भी निशाना बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, उनके विमान को निशाना बनाने की मंशा और इन घटनाओं के पीछे रूस की सीधी भूमिका को लेकर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है.