यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौते की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस सौदे से रूस को पैसा मिलेगा, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध जारी रखने के लिए कर सकते हैं. जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया और यूरोप से यूक्रेन को ज्यादा आर्थिक और सैन्य मदद देने की अपील की.
दरअसल, ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की ने ये बातें कहीं. यह बैठक ऐसे समय हुई, जब यूक्रेन के शहरों पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले जारी थे. वहीं, अमेरिका की ओर से यूक्रेन को खुफिया जानकारी और हथियारों की मदद में कमी आने की आशंका भी जताई जा रही थी.
ट्रंप के डीजल सौदे पर क्या बोले जेलेंस्की?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेलेंस्की ने कहा कि रूस से डीजल खरीदने का समझौता वैश्विक बाजार पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए संकट के असर की भरपाई नहीं कर पाएगा. लेकिन इससे रूस को अतिरिक्त पैसा जरूर मिलेगा. जेलेंस्की ने कहा कि यह डीजल सौदा वैश्विक बाजार पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के असर की भरपाई करने के लिए काफी नहीं होगा. लेकिन इससे पुतिन की जेब में सीधे ज्यादा पैसा जाएगा, जिससे रुस-यूक्रेन संघर्ष को फंड किया जाएगा.
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ट्रंप ने हाल में रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों की आलोचना की थी. उनका कहना था कि इन हमलों से दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. ट्रंप ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन के हमलों से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ रही हैं और उन्होंने इसे शर्मनाक बताया.
ट्रंप ने पिछले हफ्ते भी कहा था कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने पर सहमत हुए हैं. लेकिन इसके बाद यूक्रेन ने रूस की एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया. जेलेंस्की ने कहा था कि कीव ट्रंप की ओर से घोषित ऊर्जा संघर्षविराम से पीछे हट रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने रिफाइनरी पर हुए हमले को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया और सरकारी मीडिया पर उसकी तस्वीरें भी दिखाईं. यह रूस की आम तौर पर अपनाई जाने वाली रणनीति से अलग था, जिसमें ऐसे हमलों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती. ट्रंप ने यूक्रेन के हमलों को ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से जोड़ते हुए उनकी आलोचना की है. वहीं, जेलेंस्की ने रूसी डीजल सौदे को लेकर चिंता जताई है.
'पुतिन अभी शांति वार्ता नहीं चाहते'
वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुतिन फिलहाल किसी भी रूप में बातचीत नहीं चाहते और उनके बयानों से युद्ध खत्म करने की वास्तविक इच्छा नहीं दिखती.
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जेलेंस्की ने रूस के रुख को वास्तविक शांति की कोशिश के बजाय उसका दिखावा बताया. दूसरी तरफ, क्रेमलिन ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि यूक्रेन ने मॉस्को में ड्रोन हमलों के जरिए शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की संभावना को रोक दिया. इस तरह, दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू करने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.
वहीं दूसरी ओर यूक्रेन को स्पेसएक्स की स्टारशील्ड सैटेलाइट सेवा में रुकावटों को लेकर भी चिंता है. स्टारशील्ड, स्टारलिंक सेवा का सैन्य इस्तेमाल के लिए बनाया गया संस्करण है. इसका इस्तेमाल युद्ध के मैदान में सैन्य गतिविधियों और अग्रिम मोर्चे से दूर शहरों को निशाना बनाने वाले रूसी ड्रोन को रोकने में किया जाता है.
एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बात से इनकार किया कि ट्रंप ने स्टारशील्ड सेवा को जानबूझकर धीमा करने का आदेश दिया था. ट्रंप ने भी कहा कि यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना जारी है.
जेलेंस्की ने बताया कि सेवा में सुधार हुआ है, लेकिन यह पूरी तरह बहाल नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है. यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि कम समय में यूरोप स्टारलिंक की इस क्षमता की जगह नहीं ले सकता. उन्होंने यूक्रेन के लिए इस सर्विस को जरूरी बताया.
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यूक्रेन को अगले साल चाहिए 70 अरब यूरो की अतिरिक्त मदद
जेलेंस्की ने यूरोपीय संघ के नेताओं से अगले साल रक्षा, हथियारों और देश की मजबूती के लिए कम से कम 70 अरब यूरो की अतिरिक्त सहायता देने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगले साल युद्ध पर यूक्रेन का खर्च 155 अरब यूरो तक पहुंच सकता है. जेलेंस्की ने कहा कि 70 अरब यूरो की अतिरिक्त मदद एक व्यावहारिक मांग है और इससे यूक्रेन को रूस को रोकने में मदद मिलेगी.
एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टेन मिहाल ने कहा कि अगले साल यूक्रेन के बजट में कमी पूरी करने के लिए यूरोपीय संघ को एक और कर्ज देना पड़ सकता है. उन्होंने आने वाली सर्दियों को लेकर भी चिंता जताई.
यूरोप में ऊर्जा कीमतों और बजट पर मतभेद
ब्रसेल्स सम्मेलन में यूक्रेन को मदद देने के साथ ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी पर भी चर्चा हुई. ईरान युद्ध के बाद ऊर्जा बाजार पर पड़े असर को लेकर यूरोपीय देशों के बीच मतभेद सामने आए. स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि यूरोपीय संघ के बजट को अंतिम रूप देने पर सदस्य देशों के बीच काफी मतभेद हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सहमति के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं.
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सम्मेलन के दौरान यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन को समर्थन देने की जरूरत पर चर्चा की, लेकिन ऊर्जा की कीमतों और संघ के अपने बजट को लेकर मतभेद बने रहे. इस बीच यूक्रेन पर रूसी हमले जारी हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खार्किव में रूसी ड्रोन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई, वहीं अन्य हमलों से बड़ी संख्या में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है.