अमेरिकी सेना ने ऐलान किया कि उसने इराक से अपने सभी सैनिक वापस बुला लिए हैं. इसके साथ इस्लामिक स्टेट के खिलाफ चल रहा 12 साल का अमेरिकी मिशन खत्म हो गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे "बहुत महंगा नरक का सफर" बताया. इराक ने इसे अपनी ताकत की निशानी कहा, जबकि कुर्द इलाके में डर है और ईरान समर्थक गुट खुश हैं.
आखिरी सैनिक उत्तरी इराक के कुर्द इलाके में बने इरबिल एयर बेस से निकले. पेंटागन प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इसे व्यवस्थित वापसी बताया. उन्होंने कहा कि 12 साल के अभियान ने इराक और पूरे इलाके में आईएसआईएस को संगठित सैन्य खतरे के रूप में हरा दिया. अमेरिका आगे भी इराकी साझेदारों को ट्रेनिंग और खुफिया मदद देता रहेगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 30 सितंबर की तय तारीख तक हुई वापसी को व्यवस्थित बताया. व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गलत फैसलों की वजह से अमेरिका इस दलदल में फंसा था, पर अब इतिहास का यह हिस्सा जल्द खत्म होगा. उनके मुताबिक यह अमेरिका, इराक और इस्लामिक स्टेट पर जीत है.
अमेरिकी सेना 2003 में सद्दाम हुसैन को हटाने इराक आई थी और 2011 में लौट गई. तीन साल बाद इस्लामिक स्टेट ने बड़े इलाके पर कब्जा किया, तो इराकी सरकार ने एक छोटे अमेरिकी मिशन को बुलाया. गुट के बिखरने पर 2024 में दोनों देशों ने मिशन खत्म करने पर सहमति दी. पिछले साल ज्यादातर ठिकानों से सैनिक हट गए थे, पर कुर्द इलाके में कुछ सौ बचे थे.
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यह वापसी अमेरिका और ईरान की जंग के बीच हुई है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को यह जंग शुरू की थी और यह सातवें महीने में है. इराक में ईरान समर्थक गुट अमेरिकी सैनिकों पर हमले करते रहे और अमेरिका उनके ठिकानों पर वार करता रहा. ट्रंप के जंग शुरू करने के फैसले की तुलना इराक युद्ध से हो रही है, क्योंकि मकसद साफ नहीं है. ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में एक दिन की कार्रवाई में मादुरो को पकड़ना और ईरान जंग, दोनों कम समय और कम अमेरिकी मौतों में निपटे.
प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने हस्तांतरण समारोह की अध्यक्षता की और कहा कि इराकी सुरक्षा बल इस्लामिक स्टेट से लड़ते रहेंगे और गैर सरकारी गुटों के पास हथियार नहीं रहने दिए जाएंगे. ट्रंप ने उन्हें शानदार और दोस्त बताया और दावा किया कि उनके समर्थन से अल जैदी भारी जीत से जीते. हकीकत में वे चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे. सबसे बड़े संसदीय गुट ने उन्हें चुना.
मिलिशिया को हथियार डालने की समयसीमा अब जून 2027 तक बढ़ गई है. कुर्द इलाके में 1,000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले झेलने के बाद एयर डिफेंस हटने की चिंता है. कताइब हिजबुल्लाह ने इसे जीत बताया.