केरलम के स्थानीय स्वशासन मंत्री के एम शाजी को राजधानी में भाजपा की युवा शाखा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया. पहले उनकी सरकारी गाड़ी रोकी गई और फिर वह जिस ऑटोरिक्शा में बैठे, उसे भी रोक दिया गया. इसके बाद मंत्री को कुछ दूर पैदल चलना पड़ा और फिर वह अपने सरकारी आवास पहुंचे. यह घटना अमित शाह के कोल्लम दौरे पर हुए काले झंडे के विरोध के बाद बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच हुई.
यह पूरा मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम का है. बुधवार को राज्य के स्थानीय स्वशासन मंत्री के एम शाजी सचिवालय से अपने सरकारी आवास की ओर जा रहे थे. शाजी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल के नेता हैं. वह एक महंगी गाड़ी में सफर कर रहे थे.
सूत्रों के मुताबिक मंत्री के साथ कोई पायलट वाहन या एस्कॉर्ट गाड़ी नहीं थी. जब उनकी गाड़ी वानरॉस जंक्शन के पास पहुंची, तभी भाजपा की युवा शाखा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अचानक गाड़ी को रोक लिया. प्रदर्शनकारी सड़क पर गाड़ी के आगे बैठ गए. इसके बाद मंत्री गाड़ी से नीचे उतरे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की.
न्यूज चैनलों पर दिखाए गए वीडियो में मंत्री बाद में एक ऑटोरिक्शा में बैठते नजर आए. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उस ऑटोरिक्शा को भी रोक दिया. इसके बाद मंत्री ऑटोरिक्शा से उतर गए और अपने साथ चल रहे एक सुरक्षा अधिकारी के साथ पैदल ही आगे बढ़ गए. बाद में बताया गया कि उनकी सरकारी गाड़ी उन्हें उनके आवास तक ले गई.
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यह घटना ऐसे समय हुई है जब राज्य में राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है. हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोल्लम के दौरे पर आए थे. उस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए थे. इस घटना के बाद से भाजपा और युवा मोर्चा लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
भाजपा और युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और उनके मंत्रिमंडल के साथियों के खिलाफ कई प्रदर्शन शुरू किए हैं. उनका आरोप है कि राज्य सरकार केंद्रीय मंत्री को सही सुरक्षा देने में नाकाम रही. यानी विरोध का मुख्य कारण सुरक्षा में कमी का आरोप है.
युवा मोर्चा ने शाह वाली घटना के बाद राज्य के दूसरे मंत्रियों की गाड़ियां भी रोकी हैं. इसके अलावा राज्य में अलग अलग जगहों पर काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन भी किया गया है. शाजी के साथ हुई घटना को इसी सिलसिले की ताजा कड़ी माना जा सकता है. खास बात यह है कि मंत्री बिना पायलट और एस्कॉर्ट के सफर कर रहे थे, और इसी दौरान उन्हें रोका गया. शाजी को पहले गाड़ी से उतरकर प्रदर्शनकारियों से बात करनी पड़ी, फिर ऑटोरिक्शा का सहारा लेना पड़ा और आखिर में कुछ दूर पैदल चलना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें टीवी चैनलों पर दिखाई गईं. कुल मिलाकर, राज्य में सुरक्षा और विरोध प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और भाजपा के बीच टकराव का माहौल बना हुआ है.