विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इन दिनों अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGN) में शिरकत कर रही हैं. यहां सुषमा ने हर मौके पर पाकिस्तान और आतंक के मुद्दे पर जमकर करारा वार किया है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवादी संगठनों को सहयोग करने वाले आधारभूत ढांचों को नष्ट करना जरूरी है क्योंकि इसके जरिए उन्हें हमले करने के लिए धन और प्रौद्योगिकी हासिल करने में मदद मिलती है.
भारत ने आतंकवादियों और उनके संगठनों को सूचीबद्ध करने के लिए संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद रोधी तंत्र बनाने की अपील की है.
Coming together for shared principles of peace, prosperity and development.
EAM and Foreign Ministers of Brazil, China, Russia and South Africa pose for a Group photograph before the Foreign Ministers Meeting on the margins of the .
— Raveesh Kumar (@MEAIndia)
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र से इतर गुरुवार को BRICS देशों की बैठक में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि आतंकवादी, सरकार के नियंत्रण से बाहर के तत्व और अवैध वित्तीय प्रवाह ने विकास और समृद्धि के उद्देश्य को कमतर किया है. आतंकी संगठन अवैध स्रोतों से धन प्राप्त कर अत्याधुनिक हथियार, उपकरण और गोलाबारूद हासिल करते हैं.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ व्यापक समझौते (सीसीआईटी) पर भारत का प्रस्ताव आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करेगा.
सुषमा ने इस दौरान पाकिस्तान में पनप रहे लश्कर-ए-तैयबा, ISIS, अल कायदा, जैश-ए-मोहम्मद, तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों को खत्म करने की बात की. उन्होंने इस दौरान अन्य देशों से भी आतंक के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने की अपील की.