पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि वह अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं.
फरीदकोट में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, वडिंग ने पार्टी के एक नेता के उस सुझाव को खारिज कर दिया कि उन्हें शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि अकाली नेता पहले से ही शांत पड़े हैं.
राजा वडिंग ने अपने भाषण में कहा कि सुखबीर बादल से मुझे चुनाव मत लड़ना वह तो पहले ही ढेर है. अगर मुकाबला करवाना है तो भगवंत मान से मेरा मुकाबला करवाओ, उनसे मुझे चुनाव लड़वाओ.
लुधियाना के सांसद वडिंग ने कहा कि पार्टी आलाकमान तय करता है कि कौन और कहां से चुनाव लड़ेगा, लेकिन अगर वे तय करते हैं कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए, तो यह मुख्यमंत्री मान के खिलाफ होना चाहिए.
वडिंग ने कहा, 'मैं (मान के खिलाफ) लड़ूंगा, और उन्हें पता चल जाएगा.' वडिंग पहले मुक्तसर जिले की गिद्दड़बाहा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. वहीं सीएम मान अभी संगरूर जिले के धुरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.
वडिंग की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का एक गुट उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के आलाकमान के फैसले का विरोध कर रहा है और उन्हें हटाने की मांग कर रहा है.
पंजाब कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही है, जबकि पार्टी नेतृत्व बार-बार कह रहा है कि 2027 के पंजाब चुनावों से पहले संगठनात्मक एकता को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
यह अंदरूनी कलह तब सामने आई जब कांग्रेस नेतृत्व ने 1 जुलाई को वडिंग को राज्य इकाई का प्रमुख बनाए रखने और चन्नी को अपनी चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की.