हूती हमलों को लेकर सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों की बैठक हुई. इसमें सऊदी अरब के सामने मौजूद खतरों की समीक्षा की गई. इसके बाद जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक में शामिल अधिकारियों ने सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता को दोहराया. साथ ही सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तीनों देशों के संकल्प को प्रदर्शित किया.
पाकिस्तान सेना की ओर से बताया गया कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने हूतियों के हालिया हमलों के बाद 'मक्का समझौते' के तहत खाड़ी देश की सुरक्षा की रक्षा करने का संकल्प लिया है.
बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक, तीनों देशों ने मक्का, आम लोगों और आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों पर नाराजगी जताई. साथ ही सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता की तारीफ की.
बैठक में तीनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को और बढ़ाने व खुफिया इनपुट शेयर करने, सैन्य समन्वय और क्षमताओं को एकीकृत करने के तरीकों पर भी चर्चा की.
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि रियाद में हुई उनकी बैठक उनकी रक्षा साझेदारी की मजबूती और 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' की प्रतिबद्धताओं को तुरंत प्रभावी सैन्य सहयोग में बदलने के उनके साझा संकल्प को दिखाती है.
ये बैठक तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में हुई मीटिंग और सऊदी अरब के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा के एक दिन बाद हुई. बता दें कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच पिछले महीने मक्का समझौता हुआ है. इसमें यह तय किया गया है कि अगर किसी एक देश पर भी सशस्त्र हमला होता है तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा.