100 साल पुराने हिंदू मंदिर तोड़े जाने पर घिरे पाकिस्तान ने अपनी खीझ सहारनपुर मस्जिद मामले में निकाली है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के मामले पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान ने रविवार को इस अवैध मस्जिद हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताई है. सहारनपुर में शनिवार को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था. प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर यह अनधिकृत कब्जा था और अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई की गई.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर मस्जिद गिराए जाने पर आपत्ति जताई. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे एक ऐतिहासिक इस्लामिक धार्मिक स्थल के खिलाफ की गई कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि यह इस्लामी विरासत को मिटाने के 'व्यापक अभियान' का हिस्सा है.
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस घटना पर ध्यान देने की अपील की है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भारतीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की.
सहारनपुर में हुई कार्रवाई को लेकर भारत में भी विपक्ष के कुछ नेताओं और मुस्लिम संगठनों ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने मस्जिद गिराए जाने के तरीके और समय की आलोचना की है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के आधार पर और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई.
क्या है सहारनपुर मस्जिद का विवाद?
यह पूरा मामला सरकारी जमीन पर मस्जिद के निर्माण से जुड़ा है. जुलाई में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अपने आदेश में माना था कि यह ढांचा सरकारी संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आता है. अदालत ने इसे हटाने का आदेश दिया था. मस्जिद प्रबंधन ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए जिला जज की अदालत का रुख किया था. हालांकि जिला जज की अदालत ने उसकी अपील खारिज कर दी. इसके बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद गिराने की कार्रवाई की.
चार दिन पहले भारत ने पाकिस्तान से जताया था विरोध
पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब महज चार दिन पहले भारत ने पाकिस्तान के नारोवाल इलाके में एक हिंदू मंदिर को कथित तौर पर नष्ट किए जाने की कड़ी निंदा की थी. भारत ने पाकिस्तान से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की थी. नई दिल्ली ने पाकिस्तान से कथित रूप से क्षतिग्रस्त मंदिर को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने को भी कहा था. भारत ने कहा था कि पाकिस्तान की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां रहने वाले सभी अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा और उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित करे.
अब सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है.