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'अमेरिका के भरोसे रहना काफी नहीं...', ईरान से जंग के बीच कतर ने अरब मुल्कों को चेताया

ईरान के साथ जंग के बाद कतर ने गल्फ देशों से कहा है कि वे सिर्फ अमेरिका या दूसरी बाहरी ताकतों पर सुरक्षा के लिए निर्भर न रहें. कतर का कहना है कि क्षेत्र को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ानी होगी, ईरान के साथ रिश्ते संभालने होंगे और होरमुज पर असर डालने वाला लंबा टकराव जल्दी खत्म होना चाहिए.

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कतर का कहना है कि अमेरिका की मौजूदगी काफी नहीं है. (Photo- X/@majedalansari)
कतर का कहना है कि अमेरिका की मौजूदगी काफी नहीं है. (Photo- X/@majedalansari)

ईरान के साथ जंग के बीच गल्फ क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कतर ने बड़ा बयान दिया है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने सोमवार को कहा कि गल्फ देशों को अपनी सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा. उन्होंने साफ कहा कि इलाके में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं की मौजूदगी और अमेरिका के साथ रणनीतिक गठबंधन बेहद अहम है, लेकिन सुरक्षा के लिए सिर्फ सहयोगियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है.

अबू धाबी में हिली फोरम के दौरान अल-अंसारी ने कहा, "हमें गल्फ में यह समझना होगा कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं की मौजूदगी और अमेरिका के साथ रणनीतिक गठबंधन बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है." उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भरता ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है. सहयोगी और साझेदार जरूरी हैं, लेकिन गल्फ देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ उन पर नहीं छोड़ सकते.

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ईरान के हमलों के बीच उठी चिंता

कतर में अरब दुनिया का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा मौजूद है, जो अमेरिकी सेंट्रल कमांड के क्षेत्रीय मुख्यालय के तौर पर भी काम करता है. ईरान के जवाबी हमलों के दौरान गल्फ क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया. इस दौरान हजारों अमेरिकी सैन्य और दूतावास कर्मचारियों को गल्फ क्षेत्र से बाहर निकाला गया था. यह भी साफ नहीं है कि ये सभी कर्मचारी वापस लौटेंगे या नहीं.

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अमेरिका की पूर्व राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हेन्स ने भी कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करने से समस्याएं बढ़ सकती हैं. उनके मुताबिक, अमेरिकी संसाधनों और मौजूदगी को बहुत ज्यादा कम करना अक्सर अच्छे नतीजे नहीं देता.

ईरान से रिश्ते सुधारने पर जोर

अल-अंसारी ने ईरान के साथ रिश्तों को लेकर कहा कि भरोसा दोबारा कायम करने में समय लगेगा, लेकिन यह जरूरी है क्योंकि ईरान हमेशा गल्फ देशों का पड़ोसी रहेगा. उन्होंने कहा कि कतर सही समय आने पर ईरान की ओर हाथ बढ़ाना चाहता है, लेकिन साथ ही अपनी प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखेगा और यह दिखाता रहेगा कि वह अपनी रक्षा करने में सक्षम है.

उन्होंने ईरान से भी अच्छे पड़ोसी वाले रिश्ते निभाने की जिम्मेदारी उठाने को कहा. उनके मुताबिक, सैन्य दबाव या दूसरे तरीकों से दबाव बनाने से लोगों के लिए वांछित नतीजे हासिल नहीं होंगे.

होर्मुज स्ट्रेट पर कतर का रुख

अल-अंसारी ने कहा कि दुनिया इस जंग को लंबे समय तक जारी रहने का जोखिम नहीं उठा सकती. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने और गल्फ के ऊपर मिसाइलों के आने-जाने को लेकर भी चिंता जताई.

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अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया था कि वैकल्पिक तेल पाइपलाइन बनने के बाद दो साल में होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत खत्म हो सकती है. लेकिन अल-अंसारी इससे सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट हजारों साल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता रहा है और कोई एक घटना या स्थिति इसकी अहमियत नहीं बदल सकती.

ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों की अमेरिकी रणनीति पर भी कतर ने सवाल उठाए. अल-अंसारी ने कहा कि इराक और लीबिया जैसे देशों में प्रतिबंधों से मनचाहा सीधा नतीजा नहीं मिला. उनके मुताबिक, वांछित समाधान बातचीत की मेज पर ही हासिल किया जा सकता है.

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