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कोलकाता बुलाया, पेपर रटाया और वसूले लाखों! झारखंड CGL लीक मामले में 'एजेंसी से जुड़े' बड़े गुर्गे पर CID का शिकंजा

झारखंड सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की एसआईटी ने पटना से आरोपी राजन कुमार को गिरफ्तार किया है. राजन पटना में कारोबार करता है और जांच में उसका नाम सामने आने के बाद सबूत जुटाकर उसे पकड़ा गया.

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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी सीजीएल की परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. झारखंड सीआईडी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी ने बिहार की राजधानी पटना से एक आरोपी को दबोचा है. गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम राजन कुमार बताया जा रहा है, जो पटना में ही अपना कारोबार चलाता है. जांच के दौरान इस पूरे मामले में राजन का नाम सामने आया था, जिसके बाद सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

यह पूरा मामला झारखंड सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक होने से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी को पहले से ही शक था कि राजन कुमार का इस रैकेट में हाथ हो सकता है. इसी वजह से सीआईडी की टीम लगातार उस पर नजर बनाए हुए थी और सबूत जुटाने में लगी थी. काफी दिनों तक चली मेहनत के बाद जब जरूरी सबूत हाथ लग गए, तब टीम पटना पहुंची और राजन को हिरासत में ले लिया.

आरोप है कि राजन कुमार ने कई परीक्षार्थियों को कोलकाता बुलाया था और वहीं उन्हें परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी दे दी थी. यानी परीक्षा से पहले ही उसने बता दिया था कि पेपर में क्या पूछा जाएगा. इतना ही नहीं, इसके बदले में राजन ने उन्हीं परीक्षार्थियों से मोटी रकम भी वसूली थी. यह पूरा खेल पेपर सेट कराने वाली एजेंसी आईसीएन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार राजन कुमार, आईसीएन एजेंसी से जुड़े मिथिलेश सिंह का करीबी माना जाता है, जिसकी वजह से उसे परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी आसानी से मिल जाती थी.

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अब सीआईडी की टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि राजन कुमार के अलावा इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन शामिल है और मिथिलेश सिंह की इसमें असल भूमिका क्या रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

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