
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास की आलोचना की और कहा कि ये पिछले साल के अभ्यासों की तुलना में ज्यादा उकसावे वाले हैं. राज्य मीडिया केसीएनए ने देश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से ये जानकारी दी. साथ ही नॉर्थ कोरिया ने अपनी न्यूक्लियर निवारण क्षमता बढ़ाने का भी ऐलान किया है.
केसीएनए के अनुसार, अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया सैन्य सहयोग परमाणु गठबंधन में बदल रहा है. उत्तर कोरिया ने कहा कि वह नए स्तर के खतरे का जवाब नए स्तर के प्रतिरोधक बल से देगा.
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का हवाला देते हुए सरकारी मीडिया KCNA ने कहा कि अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया का सैन्य सहयोग एक परमाणु गठबंधन में बदल रहा है और देश खतरे के नए स्तर का जवाब 'निवारण' (deterrent) के नए स्तर से देगा.

17 से 27 अगस्त तक चलेगा
दक्षिण कोरिया और अमेरिका 17 से 27 अगस्त तक अपना वार्षिक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (UFS) अभ्यास आयोजित करेंगे. इस अभ्यास में ड्रोन निरोधक क्षमता, जीपीएस (GPS) व्यवधान और साइबर हमलों से निपटने के प्रशिक्षण को शामिल किया गया है. उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को तनाव बढ़ाने वाला उकसावा मानता है. प्योंगयांग अक्सर इन सैन्य अभ्यासों की निंदा करते हुए इन्हें तनाव बढ़ाने वाला उकसावा बताता है.
परमाणु क्षमता को और मजबूत करने की चेतावनी
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को ये भी कहा कि वह अपनी परमाणु निवारण क्षमता को और मजबूत करेगा. उसने अमेरिका पर एक नई परमाणु रणनीति अपनाने का आरोप लगाया, जिससे हथियारों के इस्तेमाल की सीमा (threshold) कम हो जाती है और जो वैश्विक सुरक्षा को 'परमाणु युद्ध के कगार' पर धकेल सकती है. एक टिप्पणी में सरकारी मीडिया KCNA ने दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका के परमाणु सहयोग और जापान के प्रति 'विस्तारित-निवारण' (extended-deterrence) की प्रतिबद्धताओं का जिक्र किया और कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप इस कथित रणनीति का मुख्य निशाना बन सकता है.