किम जोंग उन, सुप्रीम लीडर, उत्तर कोरिया
किम जोंग उन (Kim Jong un) उत्तर कोरियाई राजनेता हैं, जिन्हें 2011 से उत्तर कोरिया (North Korea) का सर्वोच्च नेता माना जाता है. इनका जन्म 8 जनवरी 1982 में हुआ था, वह उत्तर कोरिया सर्वोच्च नेता किम II-सुंग (Kim II- sung) के पोते हैं, जिन्होंने 1948 में अपनी राजशाही की स्थापना की. वे किम जोंग-इल (Kim Jong-il) और को योंग हुई ( Ko Yong Hui) की दूसरी संतान हैं. उनका एक बड़ा भाई, किम जोंग-चुल और किम यो-जोंग नाम की एक छोटी बहन भी है (Siblings).
अपना बचपन स्विट्जरलैंड (Switzerland) में बिताते हुए, किम ने अपनी प्राथमिक शिक्षा के लिए बर्न के पास कोनिज में लिबेफेल्ड स्टीनहोल्जली स्टेट स्कूल (Liebefeld Steinholzli state school) में पढ़ाई की. बाद में, वह विदेशी भाषा के लिए एक विशेष कक्षा में गए, लेकिन जल्द ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया (Education).
किम जोंग उन ने 2009 में री सोल-जू (Ri Sol-ju ) के साथ शादी के बंधन में बंध गए. इनकी एक बेटी है, किम जू-ए, जिसका जन्म 2013 में हुआ था (Wife And Daughter).
दिसंबर 2011 में बड़े भाई किम की मृत्यु के बाद, किम जोंग-उन को राज्य टेलीविजन द्वारा 'महान उत्तराधिकारी' (Great Successor) के रूप में घोषित किया गया था. उन्होंने अपने शासक किम परिवार के समान व्यक्तित्व के पथ का पालन किया. 2012 से, किम ने वर्कर्स पार्टी, कोरिया के महासचिव का सर्वोच्च पद संभाला है (General Secretary of Workers’ Party Korea). इसके साथ ही 28 सितंबर 2010 को बिना किसी पूर्व सैन्य रिकॉर्ड के उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया. वह राज्य मामलों के आयोग के अध्यक्ष भी हैं (President of the States Affairs Commission).
जुलाई 2012 में, किम को कोरियाई पीपुल्स आर्मी में मार्शल (Marshal in the Korean People’s Army) के सर्वोच्च पद पर पदोन्नत किया गया था. उन्होंने ब्यूंगजिन की नीति को भी बढ़ावा दिया है जो अर्थव्यवस्था और देश के परमाणु हथियारों ( nuclear weapons) दोनों के एक साथ विकास के विचार पर जोर देती है.
साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे को चरणबद्ध तरीके से हल किया जाना चाहिए, क्योंकि पूरी तरह खत्म होने का इंतजार करना अब व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने साउथ कोरिया और अमेरिका दोनों की बातचीत की तैयारी जताई. ट्रंप द्वारा सैन्य अभ्यास कम करने के फैसले को उन्होंने सकारात्मक कदम बताया, भले ही यह बिना सलाह के लिया गया हो.
उत्तर कोरिया ने रविवार को वॉनसान से कुछ घंटों के अंतर पर दो शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें पहली जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र तक पहुंचने से पहले समंदर में गिर गई. इसके बाद दक्षिण कोरिया और जापान ने विरोध दर्ज किया और सियोल ने कहा कि ये परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन हैं.
सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने नॉर्थ कोरिया पर 44.6 अरब वॉन (करीब 3.25 करोड़ डॉलर) का फाइन लगाया है. 2020 में युक्त संपर्क कार्यालय को उड़ाने के मामले में कोर्ट ने यह आदेश दिया है. यह पहली बार है जब साउथ कोरिया की सरकार ने नॉर्थ कोरिया के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.
उत्तर कोरिया ने मिसाइलों, तोपों और ड्रोन के साथ बड़ा लाइव-फायर सैन्य अभ्यास किया है. इस दौरान उसने अपनी सैन्य ताकत दिखाने का दावा किया. वहीं, दक्षिण कोरिया की सेना ने भी इसी दिन मिसाइल लॉन्च होने की जानकारी दी.
किम जोंग उन ने वोंसान में कांग कोन नाम का दूसरा न्यूक्लियर मिसाइल सक्षम डिस्ट्रॉयर नौसेना में शामिल किया और इसे जवाबी न्यूक्लियर व्यवस्था का हिस्सा बताया. यह कदम तब आया है जब अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने जेजू द्वीप के पास 5 दिन की फ्रीडम एज ड्रिल शुरू की है, जिसे प्योंगयांग सुरक्षा खतरा मानता है.
नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग से मुलाकात और बात करना भी खतरे का खेल है. इस तानाशाह के सामने जाने से पहले कई दिनों तक ट्रेनिंग लेनी पड़ती है.
साउथ कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नॉर्थ कोरिया रूस में और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है, लेकिन तत्काल तैनाती के कोई संकेत नहीं हैं. हथियारों की आपूर्ति जारी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से इस साल दोबारा मुलाकात की इच्छा जताई है. ट्रंप ने किम के साथ अपने रिश्ते को 'बहुत अच्छा' बताया, लेकिन किम की बहन किम यो जोंग ने साफ कर दिया कि व्यक्तिगत रिश्ते उत्तर कोरिया की सुरक्षा नीति से ऊपर नहीं हैं. उन्होंने अमेरिकी नीतियों को अब भी शत्रुतापूर्ण बताया.
नॉर्थ कोरिया ने आज 10 से अधिक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें जापान सागर की ओर दागीं. अमेरिका-साउथ कोरिया अभ्यासों के दौरान यह परीक्षण हुआ. जापान और साउथ कोरिया ने पुष्टि की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच एक बार फिर नजदीकी की चर्चा है. ट्रंप ने किम से दोबारा मुलाकात के संकेत दिए हैं और दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिकी सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया है. ऐसे में सवाल है कि ट्रंप की इस रणनीति से अमेरिका को क्या फायदा होगा और सियोल पर इसका क्या असर पड़ेगा?
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा है कि ट्रंप के इस कदम से दक्षिण कोरिया की 'उकसावे वाली और आक्रामक प्रकृति' नहीं बदलती. उन्होंने कहा कि ट्रंप का ये फैसला इतना भी बड़ा नहीं है कि इस पर टिप्पणी की जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल नवंबर में नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने अधिकारियों से किम के साथ जल्द बैठक कराने को लेकर चर्चा की है. इसी बीच अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली सैन्य ड्रिल को कम करने का फैसला लिया है.
कभी धमकी... कभी दोस्ती... और अब फिर मुलाकात! आखिर ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच नवंबर में एक बार फिर आमने-सामने मुलाकात की चर्चा तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मुलाकात ट्रंप की एशिया यात्रा और APEC बैठक के आसपास हो सकती है.
क्या प्रेसिडेंट ट्रंप ने उत्तर कोरिया से मुकाबले के नाम पर होने वाला सैन्य अभ्यास रोककर दक्षिण कोरिया को सजा दी है? और वो भी सिर्फ इसलिए कि दक्षिण कोरिया ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ देने से मना कर दिया? जी हां, जिस किम जोंग उन को डराने के लिए ये सैन्य अभ्यास होता था, ट्रंप के इस फैसले से अब वही किम जोंग उन राहत की सांस ले रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास में बड़ी कटौती का आदेश दिया है, जिसकी वजह उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अच्छे रिश्तों को बताया. इस फैसले से दक्षिण कोरिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अभी साफ नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले वार्षिक सैन्य अभ्यास ‘अल्ची फ्रीडम शील्ड’ को कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में दक्षिण कोरिया के शामिल न होने पर नाराजगी जताई और अभ्यास को महंगा व उत्तर कोरिया के लिए गलत संकेत बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को साउथ कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यास कम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अभ्यास अब रद्द नहीं हो सकता, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं. 17 से 27 अगस्त तक चलने वाले अल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास में 18 हजार साउथ कोरियाई सैनिक शामिल होंगे.
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के आगामी सैन्य अभ्यासों की निंदा करते हुए इसे पिछले साल से ज्यादा उकसावे वाला बताया है. प्योंगयांग ने आरोप लगाया कि अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया सहयोग परमाणु गठबंधन में बदल रहा है.
नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन आमतौर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का कोई मौका नहीं छोड़ते. कभी मिसाइल टेस्ट के दौरान, कभी सैन्य कार्यक्रम में तो कभी किसी नई इमारत या फैक्ट्री के उद्घाटन में वह नजर आते रहते हैं. लेकिन इस बार करीब दो महीने से पब्लिकली कहीं नजर नहीं आए हैं.
आज दुनिया नॉर्थ कोरिया को एक ऐसी अंधेरी सुरंग के रूप में जानती है, जहां रहने वाले लोगों के बारे में न कोई जानकारी आती है, न वहां के लोगों का दुनिया से कोई कनेक्शन दिखता है. जानकारी आती है तो सिर्फ किम शासन की सख्ती की, लोगों की गरीबी और मुश्किलों की और रोज नई-नई मिसाइलों की परीक्षण की. लेकिन क्या नॉर्थ कोरिया में रहने वाले लोगों की जिंदगी हमेशा से ऐसी ही थी या फिर उनके जीवन में भी आजादी थी?
नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन से जुड़ी कई अजीबोगरीब चीजों की अक्सर चर्चा होती रहती है. इनमें से ही एक है, किम की पार्टियां. आखिर उनकी पार्टियों में क्या होता है? इसका खुलासा किम जोंग उन के पिता के बॉडीगार्ड रहे एक शख्स ने किया. वह किसी तरह उत्तर कोरिया से भागने में सफल रहा था.