अमेरिका-इजरायल से जंग की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर पाबंदी लगा दी है. इस बीच, नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुट ने माना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खुलवाने के लिए जिस तरह दूसरे देश सुस्ती दिखा रहे हैं, उससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हैं.
मार्क रुट ने बताया कि उन्होंने इस हफ्ते कई बार ट्रंप से बात की है. उन्होंने जानकारी दी कि ट्रंप चाहते हैं कि उनके सहयोगी देश इस अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएं.
फॉक्स न्यूज को दिए एक हालिया इंटरव्यू में रुट ने कहा कि हालात अब बदल रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब 22 देश शिपिंग चैनल के कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए उनके विजन को लागू करने के लिए एक साथ आ रहे हैं.
'ट्रंप का दबाव रंग ला रहा'
रुट ने दावा किया कि ट्रंप का दबाव रंग ला रहा है और अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस वैश्विक संकट के समाधान के लिए ज्यादा जिम्मेदारी उठाने को तैयार दिख रहा है. रूट के मुताबिक, सहयोगी देशों को एकजुट करना इस मिशन की सफलता के लिए जरूरी है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे अहम रास्ता है, जिसे ईरानी फोर्स ने युद्ध के दौरान बंद कर दिया है.
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नाटो प्रमुख ने ईरान पर अमेरिका की तरफ से किए जा रहे हमलों का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया. उनके मुताबिक, ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम दुनिया के लिए एक खतरा पैदा कर रहे थे. अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए इन खतरों का मुकाबला करना जरूरी है.