ईरान वॉर में ट्रंप बस एक चेहरा बनकर रह गए हैं, असली सूत्र मानो नेतान्याहू के हाथ में है. अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को 21दिन पूरे हो चुके हैं और अभी भी इसके खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इजरायल के बाद अब ट्रंप ने भी दो टूक कह दिया है कि हम युद्ध जीत रहे हैं तो इसे खत्म करने का सवाल ही नहीं उठता है. इससे पहले नेतन्याहू ने कहा था इस ऑपरेशन की कोई तय समयसीमा नहीं है और यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा.
इस बीच ब्रिटेन ने यू टर्न लेते हुए अपने सैन्य बेस अमेरिका को देने का फैसला किया है. इज़रायली हमलों के बाद ईरान द्वारा खाड़ी देशों के तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई से अहम आपूर्ति मार्ग बाधित हुए हैं और वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है और गैस का संकट भी बन गया है. पढ़ें युद्ध से जुड़ी हर अपडेट
होर्मुज में महायुद्ध की आहट! जंग के बीच ब्रिटेन का बड़ा फैसला, US को हमले के लिए दिए अपने सैन्य बेस
अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच ईरान ने इजरायल के रिहायशी और रणनीतिक इलाकों पर मिसाइलों की नई झड़ी लगा दी है. शुक्रवार देर रात तेल अवीव और कब्जे वाले वेस्ट बैंक (West Bank) के ऊपर दर्जनों ईरानी मिसाइलें देखी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में सायरन गूंज उठे.
मध्य पूर्व में जारी युद्ध और आसमान छूती तेल की कीमतों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण 'जनरल लाइसेंस' जारी किया है. इस नए आदेश के तहत, समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी कच्चे तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अस्थायी अनुमति दी गई है. यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता का ऐलान करते हुए ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के भीषण प्रहारों ने तेहरान की रीढ़ तोड़ दी है और अब वह मुकाबला करने की स्थिति में नहीं बचा है. पढ़ें विस्तार से
उत्तरी इराक के सलाहुद्दीन प्रांत में स्थित तुज़ खुर्मातू जिले में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भारी हवाई हमले हुए हैं. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में इराक के सरकारी मान्यता प्राप्त अर्धसैनिक बल 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (PMF) के 63वें ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाया गया है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी युद्ध अब पड़ोसी देशों के लिए सीधा खतरा बन गया है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शहर रास अल खैमाह (Ras Al Khaimah) को सीधे तौर पर निशाना बनाने की चेतावनी दी है. ईरान का आरोप है कि खाड़ी में स्थित उसके रणनीतिक द्वीपों (जैसे कि अबू मूसा और खार्ग द्वीप) पर होने वाले हमलों के लिए यूएई की धरती का इस्तेमाल किया जा रहा है.