नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर बाढ़ प्रभावित बच्चों के नाम भावुक संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जब देश के कई हिस्सों में बच्चे राधा-कृष्ण बनकर जन्माष्टमी मना रहे हैं, तब बाढ़ प्रभावित इलाकों के कई बच्चे दर्द और चिंता में हैं.
उन्होंने कहा कि कई बच्चे अब भी अपने माता-पिता और परिवार के लोगों को तलाश रहे हैं. बाढ़ ने कई घरों और बस्तियों को तबाह कर दिया है. बच्चों के खेलने के मैदान भी मलबे में दब गए हैं.
पीएम शाह ने कहा कि बाढ़ के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया था. इसमें बच्चों के साथ गंभीर रूप से घायल लोगों, गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं, दिव्यांगों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई. बचाव का काम अभी भी जारी है.
उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में कई बच्चे रह रहे हैं. सरकार जल्द ही उनके लिए सुरक्षित और बेहतर रहने की व्यवस्था करेगी. उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि सरकार मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी है.
अब तक 13,095 लोगों को बचाया गया
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि बाढ़ और दूसरी आपदाओं के बाद अब तक 13,095 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. उन्होंने राहत और बचाव अभियान में जुटी नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल की टीमों का आभार जताया. स्पेशलिस्ट टीमें भी लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं.
उन्होंने विदेशों में रहने वाले नेपाली नागरिकों और मदद करने वाले देशों का भी धन्यवाद किया. विकास से जुड़ी साझेदार संस्थाओं के सहयोग की भी उन्होंने सराहना की.
बालेन शाह ने बच्चों से भविष्य की आपदाओं के लिए तैयार रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर बच्चे को एक आपदा बैग तैयार रखना चाहिए. इसमें जरूरी सामान रखा जा सकता है. उन्होंने बच्चों को छोटी छोटी बचत करने की सलाह भी दी.
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पीएम शाह ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भी बच्चों को जागरूक किया. उन्होंने कहा कि नेपाल हिमालयी देश है. जलवायु परिवर्तन का असर हिमालय पर तेजी से पड़ रहा है. इसलिए बच्चों और सभी नागरिकों को आपदा से बचने और दूसरों की मदद करने की जानकारी होनी चाहिए.
अपने मैसेज में पीएम शाह ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संकट और संघर्ष के समय निराश होकर बैठना सही रास्ता नहीं है. ऐसे समय में धैर्य रखना चाहिए. अपने कर्तव्य पर टिके रहना चाहिए. साथ ही एकजुट होकर मुश्किल का सामना करना चाहिए.
उन्होंने बाढ़ प्रभावित बच्चों से कहा कि यह कठिन समय हमेशा नहीं रहेगा. सभी को मिलकर इस संकट से बाहर निकलना है. अपने मैसेज के आखिर में बालेन शाह ने कहा, “हम रुकेंगे नहीं”.