भारत की फटकार के बाद पाकिस्तान ने करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को जानबूझकर गिराए जाने के आरोपों पर सफाई दी है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर की इमारत को किसी ने नहीं गिराया, बल्कि 21 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के कारण उसका ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ था.
मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल इलाके के सिराज गांव में स्थित एक हिंदू मंदिर से जुड़ा है. स्थानीय लोगों, अल्पसंख्यक संगठनों और एक राजनीतिक दल ने आरोप लगाया था कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने मंदिर को जानबूझकर गिराया, ताकि उसकी जमीन को पास स्थित एक मदरसे में शामिल किया जा सके.
इस मामले को लेकर भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई थी. विदेश मंत्रालय ने मंदिर के कथित विध्वंस की स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हुए पाकिस्तान से घटना की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी.
भारत ने कहा था कि पाकिस्तान को कथित तौर पर अपवित्र किए गए मंदिर को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए. साथ ही, पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा और उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत स्थलों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
भारत की आपत्ति के बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा. उसने कहा कि मंदिर की संरचना 21 जुलाई को हुई भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई थी. विदेश कार्यालय के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वेक्षण भी किया था और मंदिर की इमारत की बहाली के लिए कदम शुरू कर दिए गए हैं.