कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को होने वाली बातचीत अधर में लटक गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा में मुलाकात करेंगे. इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही ईरान ने कहा कि अगले कुछ दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं है.
ईरान के इस बयान ने नाज़ुक शांति समझौते की लाइफलाइन को कमजोर और होर्मुज में जहाजों के गुजरने को लेकर मतभेद को उजागर कर दिया. साथ ही परस्पर विरोधी बयानों ने दोनों मुल्कों के बीच कूटनीति के भविष्य को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में सैन्य संघर्ष को खत्म करने के लिए डील हुई थी. ऐसा लगा था कि मिडिल ईस्ट की महाजंग खत्म होने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. अचानक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देशों में मतभेद हो गए. ईरानी एक्शन के जवाब में अमेरिका ने ईरान के शहरों में जमकर बमबारी की.
ईरानी विदेश मंत्रालय का आया बयान
दोहा बातचीत पर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह कतर की यात्रा करेगा. हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि इस दौरे का दोहा में अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार की मीटिंग या वार्ता से कोई संबंध नहीं है.
बघाई ने कहा कि तेहरान और अमेरिका के बीच आने वाले दिनों में कोई बातचीत तय नहीं है. अंतिम समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है, क्योंकि ईरान की प्राथमिकता डील से संबंधित एमओयू के प्रमुख प्रावधानों को लागू करना है.
विटकॉफ और कुशनर जाने वाले थे दोहा
हैरानी की बात यह है कि ईरान का यह बयान उस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आया, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक दोहा में होगी. ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि तेहरान ने खुद इस बातचीत की गुजारिश की थी.
बाद में व्हाइट हाउस ने पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर हाई लेवल मीटिंग के लिए दोहा जाएंगे.
यह कूटनीतिक अनिश्चितता ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान चार महीने तक चले संघर्ष को खत्म करने के 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं. इसके तहत दोनों देशों ने सैन्य संघर्ष को रोकने और होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमति जताई थी.