जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान के रातभर चले हमले में कई अमेरिकी फाइटर जेट्स को नुकसान पहुंचा है. मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच मुवाफ्फक सलती एयर बेस को निशाना बनाया गया. इस बीच सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियोज सामने आ रहे हैं, जिसमें डैमेज सी हॉक हेलीकॉप्टर को दूसरे लोकशन पर ट्रांसपोर्ट करने का दावा किया जा रहा है.
सीबीएस न्यूज ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि, करीब 8 अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स को हल्का नुकसान पहुंचा. इन विमानों को बाद में दोबारा सर्विस में लगा दिया गया. हालांकि, एक A-10 थंडरबोल्ट, जिसे 'वॉरथॉग' के नाम से भी जाना जाता है, हमले की चपेट में आ गया. सूत्रों का कहना है कि इस विमान का एक विंग गायब था.
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30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागीं
ईरानी हमले से बचाव के लिए जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सेना ने 30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागीं. हालांकि, हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत की खबर नहीं है. यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग लगातार बढ़ती जा रही है. इससे पहले मंगलवार को अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था. अमेरिका ने इसे अपने एक नौसैनिक युद्धपोत पर ईरानी हमले का जवाब बताया था.
ईरान ने 8 टैंकर और 2 युद्धपोतों को निशाना बनाने का दावा किया
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने आठ तेल टैंकरों और दो युद्धपोतों पर हमले का दावा किया. इनमें जॉर्डन का अमेरिकी सैन्य बेस भी शामिल था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पांच ईरानी क्रूड ऑयल टैंकरों को निष्क्रिय करने की जानकारी दी थी. इनमें किविक, चारमिनार, होरिजन 1, रिएस्को और डेरया शामिल हैं.
रूबियो बोले- ईरानी टैंकरों को निशाना बनाते रहेंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाना जारी रखेगी. उन्होंने इसे अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर जारी ईरानी हमलों का जवाब बताया. रूबियो के मुताबिक, वॉशिंगटन की रणनीति ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की है.
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इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों की चिंता पैट्रियट मिसाइलों के तेजी से घटते स्टॉक को लेकर भी है. सीबीएस न्यूज के मुताबिक, प्रिसिजन हथियारों के भंडार को लेकर भी अमेरिकी अधिकारी चिंता जता चुके हैं.